1. वैद्युत आवेश और क्षेत्र
प्रश्न 1. सामान्य रबर विद्युतरोधी होता है, किंतु वायुयान के रबर टायर कुछ चालक बनाये
जाते हैं,
क्यों ?
उत्तर - वायुयान
के जमीन में उतरते समय टायर और जमीन के मध्य घर्षण के कारण टायर अत्यधिक आवेशित हो
जाते हैं। अतः टायर कुछ चालक बनाये जाते हैं ताकि आवेश टायर में न रहकर पृथ्वी में
चला जाये। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो उत्पन्न आवेश अत्यधिक मात्रा में टायरों के
पृष्ठ पर संचित होकर चिनगारी (Spark) उत्पन्न करता है जिससे आग लग सकती है।
प्रश्न 2. चालक पिंजरे में कोई व्यक्ति झटके का अनुभव
नहीं करता,
यद्यपि पिंजरे
को उच्च वोल्टता स्त्रोत से जोड़ दिया जाता है, क्यों ?
उत्तर-किसी चालक को दिया गया संपूर्ण आवेश उसके बाह्य पृष्ठ पर ही रहता है। उसके अंदर विद्युत क्षेत्र अनुपस्थित रहता है। अतः पिंजरे को आवेशित करने पर भी व्यक्ति झटके का अनुभव नहीं करता।
प्रश्न 3. निर्वात में दो आवेशों के बीच लगने वाला बल F है। यदि उनके मध्य ताँबे की प्लेट रख दी जाये
तो बल का मान क्या होगा ?
उत्तर- ताँबे का
परावैद्युतांक अनंत होता है।
अतः सूत्र
F = 0
अतः दोनों आवेशों
के बीच लगने वाला बल शून्य हो जायेगा।
प्रश्न 4. ज्वलनशील पदार्थों को ले जाने वाले वाहनों को
हमेशा धात्विक चेनों से जुड़े हुए रखा जाता है जिन्हें गति के समय पृथ्वी के
संपर्क में रखा जाता है, क्यों ?
(NCERT)
उत्तर- गति के
दौरान जमीन और टायरों के मध्य घर्षण के कारण टायर आवेशित हो जाते हैं। साथ ही वायु
के साथ घर्षण के कारण वाहनों की बॉडी (Body) भी आवेशित हो जाती है। पृथ्वी से जुड़े हुए धात्विक चेनों के द्वारा ये आवेश
पृथ्वी में चले जाते हैं जिससे वाहन सुरक्षित रहते हैं। इसी प्रकार ट्रेन के
डिब्बों को भी चालक स्टील नेटवर्क द्वारा पृथ्वीकृत किया जाता है।
प्रश्न 5. किसी एकसमान विद्युत क्षेत्र में धातु की एक
छोटी गेंद को धागे से लटकाया गया है। यदि गेंद पर उच्च ऊर्जा की X-किरण आपतित करें, तो क्या होगा ?
उत्तर- धातु की
गेंद पर X-किरणें आपतित करने पर उसमें से इलेक्ट्रॉन
उत्सर्जित होने के कारण गेंद धनावेशित हो जायेगी। अतः अब गेंद विद्युत क्षेत्र में
विक्षेपित हो जायेगी।
प्रश्न 6. आप कार में यात्रा कर रहे हैं। यदि बिजली
गिरने वाली हो,
तो अपने आपको
सुरक्षित रखने के लिए निम्न में से कौन-सी क्रिया करेंगे -
(i)
कार के बाहर
निकलकर पेड़ के नीचे खड़े हो जायेंगे।
(ii)
जमीन पर लेट
जायेंगे।
(iii)
खिड़की बंद करके
कार में ही बैठे रहेंगे।
उत्तर-खिड़की बंद
करके कार में ही बैठे रहेंगे। क्योंकि यदि बिजली गिरती है, तो संपूर्ण आवेश कार की बाह्य सतह पर ही रहेगा।
फलस्वरूप आवेश के कारण कोई शॉक नहीं लगेगा।
2.
स्थिर वैधुत विभव तथा धारिता
प्रश्न 1. समान त्रिज्या के दो
धात्विक गोलों को, जिनमें से एक ठोस तथा एक खोखला है, समान विभव तक आवेशित किया
जाता है। किसमें अधिक आवेश होगा ? कारण दीजिए।
उत्तर दोनों में आवेश की मात्रा समान होगी। क्योंकि दोनों गोले की त्रिज्या
समान होने के कारण धारिता समान होगी। गोले की धारिता केवल त्रिज्या पर निर्भर करती
है, इस बात पर निर्भर नहीं करती कि गोला ठोस है या खोखला
प्रश्न 2. परावैद्युत विद्युतरोधी से
किस प्रकार भिन्न है ?
उत्तर - परावैद्युत और विद्युतरोधी दोनों विद्युत आवेश को प्रवाहित नहीं करते।
परावैद्युत विद्युत प्रभाव प्रदर्शित करता है अर्थात् विद्युत क्षेत्र में ध्रुवित
हो जाता है जबकि विद्युतरोधी किसी प्रकार का विद्युत प्रभाव प्रदर्शित नहीं करता।
प्रश्न 3. क्या कारण है कि संधारित्र
में किसी धातु को परावैद्युत के स्थान में प्रयुक्त नहीं किया जाता ?
उत्तर- धातु विद्युत का चालक होता है। यदि इसे परावैद्युत के रूप में प्रयुक्त
करें तो विद्युत आवेश का प्रवाह एक प्लेट से दूसरे प्लेट की ओर होने लगेगा। अतः
किसी भी प्लेट में आवेश का संचय नहीं होगा तथा दोनों प्लेटों के बीच विभवांतर
शून्य हो जायेगा। फलस्वरूप मूल संधारित्र, संधारित्र की तरह कार्य नहीं
करेगा।
प्रश्न 4. समांतर प्लेट संधारित्र की
प्लेटों के बीच की दूरी कम क्यों रखी जाती है ?
उत्तर-समांतर प्लेट संधारित्र की दोनों प्लेटों के बीच की दूरी कम रखने पर
उनके मध्य विद्युत क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे के समांतर होती हैं। अतः उनके मध्य
विद्युत क्षेत्र एकसमान होती है। इसके अतिरिक्त दूरी कम होने पर उसकी धारिता बढ़
जाती है।
3. विद्युत धारा
प्रश्न 1. इलेक्ट्रॉनों का अनुगमन वेग
कम होता है, क्यों ?
उत्तर- इलेक्ट्रॉन बार-बार धनायनों और परमाणुओं से टकराते रहते हैं, अतः उनका अनुगमन वेग कम होता
है।
प्रश्न 2. जब किसी धातु में
इलेक्ट्रॉन कम विभव से अधिक विभव की ओर अनुगमन करते हैं तो क्या इसका तात्पर्य यह
है कि धातु में सभी मुक्त इलेक्ट्रॉन एक ही दिशा में गतिमान हैं?
उत्तर- नहीं, धातु में सभी मुक्त इलेक्ट्रॉन एक ही दिशा में गतिमान नहीं
होते। वास्तव में अनुगमित इलेक्ट्रॉनों में अनुगमन वेग के साथ-साथ तापीय वेग भी
होता है। अतः प्रत्येक इलेक्ट्रॉन परिणामी वेग की दिशा में गति करता है जिसकी दिशा
भिन्न- भिन्न होती है।
प्रश्न 3. किसी तार में विद्युत धारा
प्रवाहित हो रही है। क्या तार आवेशित हो जाता है ?
उत्तर-किसी तार में विद्युत धारा प्रवाहित होने पर वह आवेशित नहीं होता। तार
के किसी परिच्छेद से प्रति सेकंड जितने इलेक्ट्रॉन निकलते हैं, प्रति सेकंड, उतने ही इलेक्ट्रॉन उसमें
प्रवेश कर जाते हैं। इस प्रकार, किसी भी क्षण किसी भी परिच्छेद में जितने इलेक्ट्रॉन होते
हैं, उतने ही धनावेश होते हैं।
प्रश्न 3. प्रामाणिक प्रतिरोध बनाने
के लिए मिश्रधातुओं का प्रयोग किया जाता है, क्यों
उत्तर - प्रामाणिक प्रतिरोध बनाने के लिए मिश्रधातुओं का प्रयोग किया जाता है।
इसके निम्न कारण हैं-
(i) इनकी प्रतिरोधकता अधिक होती है।
(ii) इनका प्रतिरोध ताप गुणांक कम होता है अर्थात् ताप बढ़ाने पर
प्रतिरोध में कम परिवर्तन होता है।
प्रश्न 4. जाड़ों की अपेक्षा गर्मियों
में कार इंजिन को चालू करना आसान होता है, क्यों ?
उत्तर - गर्मियों में कार की बैटरी के विद्युत अपघट्य का ताप अधिक होने से
इसका आंतरिक प्रतिरोध जाड़ों की अपेक्षा कम होता है, अतः गर्मियों में जाड़ों की
अपेक्षा बैटरी से प्रबल धारा ली जाती है, इसलिए गर्मियों में कार इंजिन
को चालू करना आसान होता है।
प्रश्न 5. जब किसी वाहन के इंजिन को
चालू करते हैं, तो एक क्षण के लिये इसकी हैडलाइट की रोशनी मंद हो जाती है।
क्यों ?
उत्तर - क्योंकि जब किसी वाहन के इंजिन को चालू करते हैं, तो इसकी बैटरी से अति प्रबल
धारा ली जाती है जिससे बैटरी का विभवांतर (V = e- ir) एक क्षण के लिये घट जाता है
तथा इसकी हैडलाइट की रोशनी मंद हो जाती है।
प्रश्न 6. घर में उच्च सामर्थ्य वाले
हीटर को उपयोग में लाने पर अन्य जलते बल्ब मंद हो जाते हैं, क्यों ?
उत्तर - घर में सभी विद्युत संयंत्र समांतर क्रम में जुड़े होते हैं जब उच्च
सामर्थ्य वाला हीटर उपयोग में लाते हैं, तो इससे प्रबल धारा ली जाती
है जिससे मेंस का विभवांतर (V = e -
Ir) घट जाता है अर्थात् अन्य जलते बल्बों पर विभवांतर कम हो जाता है जिससे वे मंद
हो जाते हैं।
4.
गतिमान आवेश और चुंबकत्व
प्रश्न 1. एक चालक में मुक्त
इलेक्ट्रॉन सदैव गतिमान रहते हैं, फिर भी चालक को चुंबकीय
क्षेत्र में रखने पर उस पर कोई बल नहीं लगता जब तक कि चालक में धारा प्रवाहित नहीं
की जाती, क्यों ?
उत्तर - चालक में मुक्त इलेक्ट्रॉनों की गति अनियमित होती है। किसी भी दिशा
में इनका अनुगमन वेग शून्य होता है। अतः चुंबकीय क्षेत्र में चालक को रखने पर उस
पर कोई बल नहीं लगता। किंतु जब चालक में धारा प्रवाहित की जाती है तो मुक्त
इलेक्ट्रॉन अनुगमन वेग से एक निश्चित दिशा में चलने लगते हैं जिससे चालक पर
चुंबकीय क्षेत्र के कारण बल लगने लगता है।
5.
चुंबकत्व एवं द्रव्य
प्रश्न 1. क्या होगा यदि एक चुंबक को
दो भागों में विभाजित किया जाए-
(i) उसकी लंबाई के लंबवत,
(ii) उसकी लंबाई के अनुदिश।
उत्तर-(i) किसी चुंबक को उसकी लंबाई के अनुप्रस्थ दो भागों में
विभाजित करने पर प्रत्येक भाग चुंबक होगा तथा प्रत्येक भाग का ध्रुव प्राबल्य वही
होगा, पर उसकी प्रभावी लंबाई पहले से कम होगी अर्थात् चुंबकीय
आघूर्ण कम हो जाएगा।
(ii) किसी चुंबक को उसकी लंबाई के अनुदिश दो भागों में विभाजित
करने पर प्रत्येक भाग में चुंबकत्व होगा। प्रत्येक चुंबक की प्रभावी लंबाई वही
रहेगी, किंतु प्रत्येक चुंबक का ध्रुव प्राबल्य पहले की तुलना में
कम हो जायेगा। अतः प्रत्येक भाग का चुंबकीय आघूर्ण भी पहले की तुलना में कम हो
जायेगा।
प्रश्न 2. प्रतिकर्षण चुंबकत्व का
निश्चित परीक्षण क्यों है?
उत्तर- एक चुंबक दूसरे चुंबक या चुंबकीय पदार्थ के टुकड़े को अपनी ओर आकर्षित
कर सकता है, परंतु चुंबक केवल एक अन्य चुंबक को ही प्रतिकर्षित करता है।
अतः प्रतिकर्षण चुंबकत्व का निश्चित परीक्षण है।
प्रश्न 3. एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में
क्या एक परिणामी बल या बल आघूर्ण कार्य करता है ?
(i) अचुंबकित लोहे की छड़ पर,
(ii) एक स्थायी छड़ चुंबक पर।
उत्तर-(i) एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में अचुंबकित लोहे की छड़ पर
परिणामी बल या बल आघूर्ण शून्य होगा।
(ii) एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में एक स्थाई छड़ चुंबक पर परिणामी
बल शून्य होगा। उस पर केवल बल आघूर्ण कार्य करेगा। यदि वह चुंबकीय क्षेत्र से किसी
कोण पर झुका हुआ है।
प्रश्न 4. क्या होगा यदि एक छड़ चुंबक
को पिघलाया जाये ? क्या इसका चुंबकत्व बना रहेगा ?
उत्तर- लोहे का क्यूरी बिंदु 770°C होता है। लोहे का गलनांक उसके
क्यूरी बिंदु से अधिक होता है। अतः लोहे के छड़ चुंबक को पिघलाने पर वह लौह चुंबक
नहीं रह पाएगा, जिससे उसका चुंबकत्व नष्ट हो जाएगा।
प्रश्न 5. स्थायी चुंबक बनाने के लिए
ऐलनिको का उपयोग क्यों करते हैं ?
उत्तर- इसका कारण यह है कि इस मिश्रधातु की धारणशीलता और निग्राहिता दोनों
उच्च होती है। इसका मुख्य दोष यह है कि यह भंगुर होता है।
प्रश्न 6. एक निश्चित क्षेत्र को
चुंबकीय क्षेत्र से सुरक्षित रखने के उपाय बताइए।
उत्तर- विचाराधीन क्षेत्र को नर्म लोहे के वलयों द्वारा घेरकर चुंबकीय क्षेत्र
से सुरक्षित रखा जा सकता है, क्योंकि चुंबकीय क्षेत्र की संपूर्ण क्षेत्र रेखाएँ वलयों
में से होकर गुजरेंगी फलस्वरूप विचाराधीन क्षेत्र में से एक भी क्षेत्र रेखा नहीं
गुजरेंगी।
6.
विद्युत चुंबकीय प्रेरण
प्रश्न 1. तार का एक बंद लूप एकसमान
चुंबकीय क्षेत्र में चलाया जाता है। प्रेरित धारा का मान कितना होगा ?
उत्तर- शून्य, क्योंकि जब लूप एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में चलाया जाता है
तो उससे बद्ध चुंबकीय फ्लक्स में कोई परिवर्तन नहीं होता।
प्रश्न 2. प्रेरित विद्युत वाहक बल को
विरोधी विद्युत वाहक बल कहा जाता है, क्यों ?
उत्तर- क्योंकि प्रेरित विद्युत वाहक बल के कारण उत्पन्न प्रेरित विद्युत धारा
उस कारण का विरोध करती है, जिसके कारण स्वयं उत्पन्न हुई है।
प्रश्न 3. दोलन करते हुए चुंबक के
नीचे धातु की एक प्लेट रखने पर वह शीघ्र ही विरामावस्था में आ जाता है, क्यों ?
उत्तर- दोलन करते हुए चुंबक के नीचे धातु की प्लेट रखने पर धातु की प्लेट में
भँवर धाराएँ उत्पन्न हो जाती हैं जो लेंज के नियमानुसार चुंबक की गति का विरोध
करती हैं। अतः चुंबक शीघ्र ही विरामावस्था में आ जाता है।
प्रश्न 4. उच्च वोल्टेज पर धारा ले
जाने वाले तार में धारा चालू करते ही तार पर बैठी चिड़िया उड़ जाती है, क्यों ?
उत्तर- तार में धारा प्रवाहित करते ही चिड़िया के शरीर में प्रेरित धारा बहने लगती है। उसके दोनों पंखों
में प्रेरित धारा की दिशा विपरीत होती है जिसके कारण पंखे परस्पर प्रतिकर्षित होकर
फैल जाते हैं। अतः विद्युत धारा चालू करते ही चिड़िया उड़ जाती है।
प्रश्न 5. विस्फोटक पदार्थ ले जाने
वाले ट्रक से एक जंजीर बंधी रहती है जो जमीन को छूती रहती है, क्यों ?
उत्तर- ट्रक की गति के दौरान उसकी धुरी पृथ्वी की क्षेत्र रेखाओं को काटती
रहती है। अतः उसके सिरों के बीच प्रेरित विद्युत वाहक बल उत्पन्न हो जाता है।
प्रेरित आवेश का जंजीर के द्वारा क्षरण होता रहता है जिससे विस्फोटक पदार्थ
सुरक्षित बने रहते हैं।
प्रश्न 6. एक विद्युत परिपथ अचानक
तोड़ दिया जाता है। उसमें चिंगारी निकलती है, क्यों ?
उत्तर- विद्युत परिपथ को अचानक तोड़ देने पर कुंजी या स्विच के अंतराल (Gap) में प्रबल प्रेरित विद्युत
वाहक बल उत्पन्न हो जाता है। फलस्वरूप अंतराल में विद्युत विसर्जन होने लगता है
जिससे चिंगारी निकलती है।
प्रश्न 7. प्रेरक कुंडलियाँ ताँबे की
बनाई जाती हैं, क्यों ?
उत्तर- प्रेरक कुंडलियों का ओमीय प्रतिरोध बहुत ही कम होता है। अतः चुंबकीय
फ्लक्स में परिवर्तन होने पर प्रबल प्रेरित धारा प्रवाहित होती है।
प्रश्न 8. “प्रेरित धारा की स्वतः की
कोई दिशा नहीं होती" विवेचना कीजिए।
उत्तर- प्रेरित धारा सदैव उस कारण का विरोध करती है जिसके कारण वह उत्पन्न हुई
है। अतः प्रेरित धारा की दिशा उसके उत्पन्न होने के कारण निर्धारित होती है। इस
प्रकार प्रेरित धारा की स्वतः की कोई दिशा नहीं होती।
7.
प्रत्यावर्ती धारा
प्रश्न 1. नागरिक विद्युत वितरण में
धारा प्रत्यावर्ती धारा के रूप में दी जाती है, दिष्टधारा के रूप में नहीं, क्यों ?
उत्तर- इसका कारण यह है कि ट्रांसफॉर्मर का उपयोग करके प्रत्यावर्ती धारा की
प्रबलता को घटाकर उसे नगण्य ऊर्जा व्यय से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाया जा
सकता है, किंतु दिष्टधारा में यह संभव नहीं है।
प्रश्न 2. प्रत्यावर्ती धारा चुंबकीय
प्रभाव या रासायनिक प्रभाव प्रदर्शित नहीं करती, क्यों ?
उत्तर- प्रत्यावर्ती धारा पहले अर्धचक्र में एक दिशा में तथा दूसरे अर्धचक्र
में विपरीत दिशा में बहती है। इस प्रकार एक पूर्ण चक्र में प्रत्यावर्ती धारा का
औसत मान शून्य होता है। अतः प्रत्यावर्ती धारा चुंबकीय प्रभाव या रासायनिक प्रभाव
प्रदर्शित नहीं करती
8. विद्युत चुंबकीय तरंगे
प्रश्न 1. रडार प्रणाली में सूक्ष्म
तरंगों का उपयोग किया जाता है, क्यों ?
उत्तर-सूक्ष्म तरंगों का तरंगदैर्ध्य बहुत ही कम होता है। अतः ये तरंगें
विवर्तित नहीं हो पातीं और बिना फैलाव के संकीर्ण किरण पूँज के रूप में
आगे बढ़ जाती हैं। इस प्रकार सूक्ष्म तरंगों को संकीर्ण किरण पूँज के रूप में किसी
भी दिशा में भेजा जा सकता है।
प्रश्न 2. कुहरे में संकेत के रूप में
किन तरंगों का उपयोग किया जाता है और क्यों ?
उत्तर- कुहरे में संकेत के रूप में अवरक्त तरंगों का उपयोग किया जाता है। इनका
तरंगदैर्ध्य अधिक होने से इन तरंगों का प्रकीर्णन बहुत ही कम होता है। अतः ये
तरंगें कुहरे में भी अधिक दूरी तक जा सकती हैं।
प्रश्न 3. फोटोग्राफी के अंधेरे कमरे
में लाल रंग का धीमा प्रकाश रखा जाता है, क्यों ?
उत्तर- लाल रंग के फोटॉनों की ऊर्जा बहुत ही कम होती है। अतः लाल रंग का धीमा
प्रकाश फोटोग्राफी के प्लेट को प्रभावित नहीं कर पाता।
प्रश्न 4. प्रकाश निर्वात में संचरित
हो सकता है किंतु ध्वनि नहीं, क्यों ?
उत्तर- प्रकाश विद्युत चुंबकीय तरंग है। इन तरंगों के संचरण के लिए माध्यम की
आवश्यकता नहीं होती। अतः प्रकाश निर्वात में संचरित हो सकता है। ध्वनि एक यांत्रिक
तरंग है। यांत्रिक तरंगों के संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है। अतः ध्वनि
निर्वात में संचरित नहीं हो सकती।
प्रश्न 5. वायुमंडल में ओजोन की पतली
पर्त जीव-जंतुओं के लिए किस प्रकार सहायक है ?
अथवा
पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व के लिए ओजोन पर्त क्यों आवश्यक
है ?
उत्तर- ओजोन पर्त वायुमंडल के समताप मंडल में 40 किमी से 50 किमी के बीच स्थित है। सूर्य
से आने वाली पराबैंगनी तरंगें मनुष्य, जीव-जंतु एवं पौधों के लिए
अत्यंत ही हानिकारक होती हैं। ओजोन पर्त इनके अधिकांश भाग को अवशोषित कर लेती है
और पृथ्वी तक आने नहीं देती जिससे मनुष्य, जीव-जंतु और पौधे सुरक्षित
रहते हैं।
प्रश्न 6. बड़े-बड़े भवनों द्वारा
रेडियो तरंगें विवर्तित हो जाती हैं, किंतु प्रकाश तरंगें नहीं, जबकि दोनों ही विद्युत-
चुंबकीय तरंगें हैं, क्यों ?
उत्तर- विवर्तन के लिए आवश्यक शर्त यह है कि अवरोध के आकार को तरंगों के
तरंगदैर्ध्य के क्रम का होना चाहिए। प्रकाश का तरंगदैर्ध्य 10-7 मीटर के क्रम का तथा रेडियो
तरंगों का तरंगदैर्ध्य 102 मीटर की कोटि का होता है। व्यवहार में अवरोधों का आकार
रेडियो तरंगों के तरंगदैर्ध्य के क्रम का होता है। अतः बड़े-बड़े भवनों द्वारा
रेडियो तरंगें विवर्तित हो जाती हैं, प्रकाश नहीं।
प्रश्न 7. अवरक्त तरंगों के अध्ययन के
लिए रॉक साल्ट के प्रिज्मों का उपयोग किया जाता है, काँच के प्रिज्मों का नहीं, क्यों ?
उत्तर- क्योंकि काँच अवरक्त तरंगों के अधिकांश भाग को अवशोषित कर लेता है।
प्रश्न 8. पराबैंगनी तरंगों को
उत्सर्जित करने वाले लैंपों के बल्ब क्वार्ट्ज के बनाये जाते हैं, काँच के नहीं, क्यों ?
उत्तर- काँच पराबैंगनी तरंगों को अवशोषित कर लेता है, क्वार्ट्ज नहीं। अतः
पराबैंगनी तरंगों को उत्सर्जित करने वाले लैंपों के बल्ब क्वार्ट्ज के बनाये जाते
हैं।
प्रश्न 9. इलेक्ट्रॉनिक युक्तियाँ
जैसे प्रकाश उत्सर्जक सेल अवरक्त तरंगें उत्पन्न करती हैं। इनका प्रयोग कहाँ किया
जाता है ?
उत्तर- इन युक्तियों का प्रयोग घरेलु इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियाँ जैसे- TV सेट, वीडियो रिकार्डर, हाई-फॉई प्रणालियों के रिमोट
नियंत्रकों के रूप में किया जाता है।
प्रश्न 10. यदि पृथ्वी पर वायुमंडल नहीं होता तो क्या उसका पृष्ठीय ताप उतना ही रहता जितना कि अभी है ?
उत्तर- ग्रीन हाउस प्रभाव के कारण पृथ्वी से उत्सर्जित दीर्घ तरंगदैर्ध्य की अवरक्त तरंगों को वायुमंडल और बादल पृथ्वी की ओर परावर्तित कर देते हैं जिससे पृथ्वी का पृष्ठीय ताप बढ़ जाता है। यदि वायुमंडल नहीं होता तो पृथ्वी से उत्सर्जित अवरक्त तरंगें आकाश में विलीन हो जातीं। फलस्वरूप उसका पृष्ठीय ताप कम हो जाता।
प्रश्न 11. विद्युत चुंबकीय तरंगों का
प्रौद्योगिकी महत्व बताइए।
उत्तर- विद्युत चुंबकीय तरंगों में एक स्थान से दूसरे स्थान तक ऊर्जा को स्थानांतरित करने की क्षमता होती है। प्रसारण स्टेशनों से विद्युत चुंबकीय तरंगें रेडियो एवं TV सिग्नलों के रूप में ऊर्जा को अभिग्राहकों तक पहुँचाती हैं।
9. (A) प्रकाश का परावर्तन
9. (B) समतल पृष्ठ द्वारा अपवर्तन
प्रश्न 1. एक मछली तालाब के किनारे
खड़े मछुआरे को तिरछा देखती है। मछुआरा लंबा प्रतीत होगा या छोटा ?
उत्तर-अधिक लंबा प्रतीत होगा, क्योंकि सघन माध्यम से विरल माध्यम की वस्तु को देखने पर वह अधिक ऊँचाई पर दिखाई देती है।
प्रश्न 2. ग्रीष्म ऋतु में दोपहर के
समय खुले धरातल पा पेड़ व मकान हिलते हुए प्रतीत होते हैं, क्यों ?
उत्तर - ग्रीष्म ऋतु में दोपहर के समय धरातल के समीप को वायु जल्दी गर्म हो जाती है। अतः धरातल के समीप की वायु परतें विरल माध्यम की तरह तथा ऊपर की वायु परतें सघन माध्यम को तरह कार्य करती हैं। साथ ही साथ वायु की विभिन्न पर्तों का घनत्व अर्थात् अपवर्तनांक भी अनियमित रूप से परिवर्तित होते रहता है। अतः पेड़ व मकान से चलने वाली किरणें भिन्न-भिन्न कोणों पर मुड़कर प्रेक्षक की आँख में प्रवेश करती हैं। फलस्वरूप वे हिलते हुए दिखाई देते हैं।
9. (C) गोलीय पृष्ठ से अपवर्तन
प्रश्न 1. संपर्क में रखे एक उत्तल लेंस
और अवतल लेंस युग्म कब अभिसारी लेंस की तरह और कब अपसारी लेंस की तरह कार्य करता
है ?
उत्तर- उत्तल लेंस और अवतल लेंस युग्म में से यदि उत्तल लेंस की फोकस दूरी कम है तो यह युग्म अभिसारी लेंस की तरह कार्य करेगा और यदि अवतल लेंस की फोकस दूरी कम है तो यह युग्म अपसारी लेंस की तरह कार्य करेगा।
प्रश्न 2. लेंस में दो फोकस बिंदु
होते हैं, किंतु गोलीय दर्पण में केवल एक, क्यों ?
उत्तर- लेंस में दो वक्रता पृष्ठ होते हैं प्रत्येक पृष्ठ का एक- एक फोकस होता है। इस प्रकार लेंस के दोनों ओर फोकस बिंदु होते हैं जबकि गोलीय दर्पण में एक वक्रता पृष्ठ होता है। अतः उसका केवल एक ही फोकस होता है
9. (D) प्रिज्म में अपवर्तन
प्रश्न 1. कभी-कभी सूर्य और चंद्रमा
के चारों ओर प्रभामंडल (Holoes) दिखाई देता है, क्यों ?
उत्तर-प्रभामंडल तभी दिखाई देता है जब सूर्य और चंद्रमा पतले बादल से ढके होते हैं। वास्तव में बादल में बर्फ के छोटे- छोटे क्रिस्टल होते हैं। इन क्रिस्टलों से प्रकाश का अपवर्तन होता है जिसके कारण ही प्रभामंडल दिखाई देता है।
प्रश्न 2. काँच के आयताकार गुटके से
अपवर्तित प्रकाश में वर्ण विक्षेपण नहीं होता, क्यों ?
उत्तर - काँच के आयताकार गुटके से निर्गत प्रकाश किरणें आपतित प्रकाश किरणों
के समांतर होती हैं। जब प्रकाश किरणें गुटके के अंदर अपवर्तित होती हैं तो उनका
वर्ण विक्षेपण हो जाता है किंतु गुटके से निकलने के पश्चात् समस्त रंगों की किरणें
एक-दूसरे के समांतर तथा आपतित किरणों के समांतर होती हैं अतः ये किरण मिलकर पुनः
श्वेत प्रकाश बना लेती है। इस प्रकार गुटके से निर्गत प्रकाश में वर्ण विक्षेपण
नहीं होता।