March 27, 2021

क्या है होलिका दहन का इतिहास? जानें इसका महत्व संम्पूर्ण जानकारी

रंगों का त्योहार होली इस वर्ष 29 मार्च दिन सोमवार को है। हिन्दी पंचांग के अनुसार, होली का त्योहार हिन्दू कैलेंडर नववर्ष के प्रथम माह के पहले दिन मनाया जाता है, वहीं होलिका दहन एक दिन पूर्व यानी वर्ष के अंतिम दिन मनाया जाता है। इस वर्ष होलिका दहन 28 मार्च दिन रविवार को है। हिन्दी पंचांग के अनुसार होलिका दहन हर वर्ष फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को होती है। जागरण अध्यात्म में आज हम आपको बता रहे हैं कि होलिका दहन का महत्व क्या है और इसका इतिहास क्या है।




पौराणिक काल से ही होलिका दहन का चलन है। द्वापर युग में जब भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था तब उनके मामा कंस ने उनको मारने के लिए पूतना राक्षसी को भेजा था। उसे डर था कि उसके भांजे श्रीकृष्ण के हाथों ही उसका वध लिखा है। उस समय बाल कृष्ण ने पूतना का वध कर दिया था। इसके खुशी में नंदगांव की गोपियों ने बाल श्रीकृष्ण के साथ होली खेली थी। वहीं, दूसरी घटना भगवान शिव और कामदेव से जुड़ी है। जब भगवान शिव ने अपनी क्रोधाग्नि से कामदेव को भस्म कर दिया था। हालांकि बाद में उनको प्राणदान भी दिया। जिस दिन कामदेव भस्म हुए उस दिन होलिका दहन होता है। सबसे प्रचलित कथा भक्त प्रह्लाद और उनकी बुआ होलिका से जुड़ी है। प्रह्लाद को मारने के चक्कर में होलिका स्वयं आग में भस्म हो जाती है। उस दिन फाल्गुन पूर्णिमा थी, इसलिए हर वर्ष फाल्गुन पूर्णिमा को होलिका दहन होता है।

होलिका दहन का महत्व

होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार होलिका दहन की आग बहुत प्रभावी और पवित्र मानी जाती है, जिसके प्रभाव से नकारात्मकता, रोग, दोष दूर हो जाते हैं। इस दिन लोग होलिका की परिक्रमा करते हैं। लगाए गए उबटन के अवशेष को अग्नि में डाल देते हैं, ताकि उनके जीवन से नकारात्मकता दूर हो जाए।


 

लोग होलिका दहन की आग में अनाज सेंकर लाते हैं और उसको ग्रहण करते हैं, ता​कि वे निरोग रहें। होलिक दहन की राख को घर लाना भी नकारात्मकता को दूर करने का उपाय माना जाता है।

होलिका दहन, हिन्दुओं का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें होली के एक दिन पहले यानी पूर्व सन्ध्या को होलिका का सांकेतिक रूप से दहन किया जाता है। होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत के पर्व के रूप में मनाया जाता है....

कथा

हिरण्यकश्यप का पुत्रबित्तों की बातें सुनकर शेर क्यों डर गया? प्रह्लाद, भगवान विष्णु का परम भक्त था। पिता के लाख कहने के बावजूद प्रह्लाद विष्णु की भक्ति करता रहा। असुर पुत्र होने के बावजूद नारद मुनि की शिक्षा के परिणामस्वरूप प्रह्लाद महान नारायण भक्त बना। असुराधिपति हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र को मारने की भी कई बार कोशिश की परन्तु भगवान स्वयं उसकी रक्षा करते रहे और उसका बाल भी बांका नहीं हुआ। असुर राजा की बहन होलिका को भगवान शंकर से ऐसी चादर मिली थी जिसे ओढ़ने पर अग्नि उसे जला नहीं सकती थी। होलिका उस चादर को ओढ़कर प्रह्लाद को गोद में लेकर चिता पर बैठ गई। दैवयोग से वह चादर उड़कर प्रह्लाद के ऊपर आ गई, जिससे प्रह्लाद की जान बच गई और होलिका जल गई। इस प्रकार हिन्दुओं के कई अन्य पर्वों की भाँति होलिका-दहन भी बुराई पर अच्छाई का प्रतीक है।

होली वसंत ऋतु में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण भारतीय और नेपाली लोगों का त्यौहार है। यह पर्व हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है।

होली रंगों का तथा हँसी-खुशी का त्योहार है। यह भारत का एक प्रमुख और प्रसिद्ध त्योहार है, जो आज विश्वभर में मनाया जाने लगा है। रंगों का त्यौहार कहा जाने वाला यह पर्व पारंपरिक रूप से दो दिन मनाया जाता है। यह प्रमुखता से भारत तथा नेपाल में मनाया जाता है। यह त्यौहार कई अन्य देशों जिनमें अल्पसंख्यक हिन्दू लोग रहते हैं वहाँ भी धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। पहले दिन को होलिका जलायी जाती है, जिसे होलिका दहन भी कहते हैं। दूसरे दिन, जिसे प्रमुखतः धुलेंडी व धुरड्डी, धुरखेल या धूलिवंदन इसके अन्य नाम हैं, लोग एक दूसरे पर रंग, अबीर-गुलाल इत्यादि फेंकते हैं, ढोल बजा कर होली के गीत गाये जाते हैं और घर-घर जा कर लोगों को रंग लगाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि होली के दिन लोग पुरानी कटुता को भूल कर गले मिलते हैं और फिर से दोस्त बन जाते हैं। एक दूसरे को रंगने और गाने-बजाने का दौर दोपहर तक चलता है। इसके बाद स्नान कर के विश्राम करने के बाद नए कपड़े पहन कर शाम को लोग एक दूसरे के घर मिलने जाते हैं, गले मिलते हैं और मिठाइयाँ खिलाते हैं।

राग-रंग का यह लोकप्रिय पर्व वसंत का संदेशवाहक भी है। राग अर्थात संगीत और रंग तो इसके प्रमुख अंग हैं ही पर इनको उत्कर्ष तक पहुँचाने वाली प्रकृति भी इस समय रंग-बिरंगे यौवन के साथ अपनी चरम अवस्था पर होती है। फाल्गुन माह में मनाए जाने के कारण इसे फाल्गुनी भी कहते हैं। होली का त्यौहार वसंत पंचमी से ही आरंभ हो जाता है। उसी दिन पहली बार गुलाल उड़ाया जाता है। इस दिन से फाग और धमार का गाना प्रारंभ हो जाता है। खेतों में सरसों खिल उठती है। बाग-बगीचों में फूलों की आकर्षक छटा छा जाती है। पेड़-पौधे, पशु-पक्षी और मनुष्य सब उल्लास से परिपूर्ण हो जाते हैं। खेतों में गेहूँ की बालियाँ इठलाने लगती हैं। बच्चे-बूढ़े सभी व्यक्ति सब कुछ संकोच और रूढ़ियाँ भूलकर ढोलक-झाँझ-मंजीरों की धुन के साथ नृत्य-संगीत व रंगों में डूब जाते हैं। चारों तरफ़ रंगों की फुहार फूट पड़ती है। गुझिया होली का प्रमुख पकवान है जो कि मावा (खोया) और मैदा से बनती है और मेवाओं से युक्त होती है इस दिन कांजी के बड़े खाने व खिलाने का भी रिवाज है। नए कपड़े पहन कर होली की शाम को लोग एक दूसरे के घर होली मिलने जाते है जहाँ उनका स्वागत गुझिया,नमकीन व ठंडाई से किया जाता है। होली के दिन आम्र मंजरी तथा चंदन को मिलाकर खाने का बड़ा माहात्म्य है।

कहानियाँ भगवान नृसिंह द्वारा हिरण्यकशिपु का वध

होली के पर्व से अनेक कहानियाँ जुड़ी हुई हैं। इनमें से सबसे प्रसिद्ध कहानी है प्रह्लाद की। माना जाता है कि प्राचीन काल में हिरण्यकशिपु नाम का एक अत्यंत बलशाली असुर था। अपने बल के अहंकार में वह स्वयं को ही ईश्वर मानने लगा था। उसने अपने राज्य में ईश्वर का नाम लेने पर ही पाबंदी लगा दी थी। हिरण्यकशिपु का पुत्र प्रह्लाद ईश्वर भक्त था। प्रह्लाद की ईश्वर भक्ति से क्रुद्ध होकर हिरण्यकशिपु ने उसे अनेक कठोर दंड दिए, परंतु उसने ईश्वर की भक्ति का मार्ग न छोड़ा। हिरण्यकशिपु की बहन होलिका को वरदान प्राप्त था कि वह आग में भस्म नहीं हो सकती। हिरण्यकशिपु ने आदेश दिया कि होलिका प्रह्लाद को गोद में लेकर आग में बैठे। आग में बैठने पर होलिका तो जल गई, पर प्रह्लाद बच गया। ईश्वर भक्त प्रह्लाद की याद में इस दिन होली जलाई जाती है। प्रतीक रूप से यह भी माना जाता है कि प्रह्लाद का अर्थ आनन्द होता है। वैर और उत्पीड़न की प्रतीक होलिका (जलाने की लकड़ी) जलती है और प्रेम तथा उल्लास का प्रतीक प्रह्लाद (आनंद) अक्षुण्ण रहता है।

होलिका दहन की मुख्य कथा

होली से सम्बन्धित मुख्य कथा के अनुसार एक नगर में हिरण्यकश्यप नाम का दानव राजा रहता था। वह सभी को अपनी पूजा करने को कहता था, लेकिन उसका पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु का उपासक भक्त था। हिरण्यकश्यप ने भक्त प्रहलाद को बुलाकर राम का नाम न जपने को कहा तो प्रहलाद ने स्पष्ट रूप से कहा, पिताजी! परमात्मा ही समर्थ है। प्रत्येक कष्ट से परमात्मा ही बचा सकता है। मानव समर्थ नहीं है। यदि कोई भक्त साधना करके कुछ शक्ति परमात्मा से प्राप्त कर लेता है तो वह सामान्य व्यक्तियों में तो उत्तम हो जाता है, परंतु परमात्मा से उत्तम नहीं हो सकता।

यह बात सुनकर अहंकारी हिरण्यकश्यप क्रोध से लाल पीला हो गया और नौकरों सिपाहियों से बोला कि इसको ले जाओ मेरी आँखों के सामने से और जंगल में सर्पों में डाल आओ। सर्प के डसने से यह मर जाएगा। ऐसा ही किया गया। परंतु प्रहलाद मरा नहीं, क्योंकि सर्पों ने डसा नहीं।

प्रह्लाद की कथा के अतिरिक्त यह पर्व राक्षसी ढुंढी, राधा कृष्ण के रास और कामदेव के पुनर्जन्म से भी जुड़ा हुआ है। कुछ लोगों का मानना है कि होली में रंग लगाकर, नाच-गाकर लोग शिव के गणों का वेश धारण करते हैं तथा शिव की बारात का दृश्य बनाते हैं। कुछ लोगों का यह भी मानना है कि भगवान श्रीकृष्ण ने इस दिन पूतना नामक राक्षसी का वध किया था। इसी खु़शी में गोपियों और ग्वालों ने रासलीला की और रंग खेला था।

विशिष्ट उत्सव

भारत में होली का उत्सव अलग-अलग प्रदेशों में भिन्नता के साथ मनाया जाता है। ब्रज की होली आज भी सारे देश के आकर्षण का बिंदु होती है। बरसाने की लठमार होली काफ़ी प्रसिद्ध है। इसमें पुरुष महिलाओं पर रंग डालते हैं और महिलाएँ उन्हें लाठियों तथा कपड़े के बनाए गए कोड़ों से मारती हैं। इसी प्रकार मथुरा और वृंदावन में भी 15 दिनों तक होली का पर्व मनाया जाता है। कुमाऊँ की गीत बैठकी में शास्त्रीय संगीत की गोष्ठियाँ होती हैं। यह सब होली के कई दिनों पहले शुरू हो जाता है। हरियाणा की धुलंडी में भाभी द्वारा देवर को सताए जाने की प्रथा है। बंगाल की दोल जात्रा चैतन्य महाप्रभु के जन्मदिन के रूप में मनाई जाती है। जलूस निकलते हैं और गाना बजाना भी साथ रहता है। इसके अतिरिक्त महाराष्ट्र की रंग पंचमी में सूखा गुलाल खेलने, गोवा के शिमगो में जलूस निकालने के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन तथा पंजाब के होला मोहल्ला में सिक्खों द्वारा शक्ति प्रदर्शन की परंपरा है। तमिलनाडु की कमन पोडिगई मुख्य रूप से कामदेव की कथा पर आधारित वसंतोतसव है जबकि मणिपुर के याओसांग में योंगसांग उस नन्हीं झोंपड़ी का नाम है जो पूर्णिमा के दिन प्रत्येक नगर-ग्राम में नदी अथवा सरोवर के तट पर बनाई जाती है। दक्षिण गुजरात के आदिवासियों के लिए होली सबसे बड़ा पर्व है, छत्तीसगढ़ की होरी में लोक गीतों की अद्भुत परंपरा है और मध्यप्रदेश के मालवा अंचल के आदिवासी इलाकों में बेहद धूमधाम से मनाया जाता है भगोरिया, जो होली का ही एक रूप है। बिहार का फगुआ जम कर मौज मस्ती करने का पर्व है और नेपाल की होली में इस पर धार्मिक व सांस्कृतिक रंग दिखाई देता है। इसी प्रकार विभिन्न देशों में बसे प्रवासियों तथा धार्मिक संस्थाओं जैसे इस्कॉन या वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में अलग अलग प्रकार से होली के शृंगार व उत्सव मनाने की परंपरा है जिसमें अनेक समानताएँ और भिन्नताएँ हैं।

आधुनिक काल में

होली रंगों का त्योहार है, हँसी-खुशी का त्योहार है, लेकिन होली के भी अनेक रूप देखने को मिलते हैं। प्राकृतिक रंगों के स्थान पर रासायनिक रंगों का प्रचलन, भांग-ठंडाई की जगह नशेबाजी और लोक संगीत की जगह फ़िल्मी गानों का प्रचलन इसके कुछ आधुनिक रूप हैं। लेकिन इससे होली पर गाए-बजाए जाने वाले ढोल, मंजीरों, फाग, धमार, चैती और ठुमरी की शान में कमी नहीं आती। अनेक लोग ऐसे हैं जो पारंपरिक संगीत की समझ रखते हैं और पर्यावरण के प्रति सचेत हैं। इस प्रकार के लोग और संस्थाएँ चंदन, गुलाबजल, टेसू के फूलों से बना हुआ रंग तथा प्राकृतिक रंगों से होली खेलने की परंपरा को बनाए हुए हैं, साथ ही इसके विकास में महत्वपूर्ण योगदान भी दे रहे हैं। रासायनिक रंगों के कुप्रभावों की जानकारी होने के बाद बहुत से लोग स्वयं ही प्राकृतिक रंगों की ओर लौट रहे हैं। होली की लोकप्रियता का विकसित होता हुआ अंतर्राष्ट्रीय रूप भी आकार लेने लगा है। बाज़ार में इसकी उपयोगिता का अंदाज़ इस साल होली के अवसर पर एक अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठान केन्ज़ोआमूर द्वारा जारी किए गए नए इत्र होली है से लगाया जा सकता है।

साहित्य

प्राचीन काल के संस्कृत साहित्य में होली के अनेक रूपों का विस्तृत वर्णन है। श्रीमद्भागवत महापुराण में रसों के समूह रास का वर्णन है। अन्य रचनाओं में 'रंग' नामक उत्सव का वर्णन है जिनमें हर्ष की प्रियदर्शिका व रत्नावली तथा कालिदास की कुमारसंभवम् तथा मालविकाग्निमित्रम् शामिल हैं। कालिदास रचित ऋतुसंहार में पूरा एक सर्ग ही 'वसन्तोत्सव' को अर्पित है। भारवि, माघ और अन्य कई संस्कृत कवियों ने वसन्त की खूब चर्चा की है। चंद बरदाई द्वारा रचित हिंदी के पहले महाकाव्य पृथ्वीराज रासो में होली का वर्णन है। भक्तिकाल और रीतिकाल के हिन्दी साहित्य में होली और फाल्गुन माह का विशिष्ट महत्व रहा है।

आदिकालीन कवि विद्यापति सेलेकरभक्तिकालीन सूरदास, रहीम, रसखान, पद्माकर,  जायसी, मीराबाई, कबीर और  रीतिकालीन बिहारी, केशव, घनानंद आदि अनेक कवियों को यह विषय प्रिय रहा है। महाकवि सूरदास ने वसन्त एवं होली पर 78 पद लिखे हैं। पद्माकर ने भी होली विषयक प्रचुर रचनाएँ की हैं। इस विषय के माध्यम से कवियों ने जहाँ एक ओर नितान्त लौकिक नायक नायिका के बीच खेली गई अनुराग और प्रीति की होली का वर्णन किया है, वहीं राधा कृष्ण के बीच खेली गई प्रेम और छेड़छाड़ से भरी होली के माध्यम से सगुण साकार भक्तिमय प्रेम और निर्गुण निराकार भक्तिमय प्रेम का निष्पादन कर डाला है। सूफ़ी संत हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया, अमीर खुसरो और बहादुर शाह ज़फ़र जैसे मुस्लिम संप्रदाय का पालन करने वाले कवियों ने भी होली पर सुंदर रचनाएँ लिखी हैं जो आज भी जन सामान्य में लोकप्रिय हैं। आधुनिक हिंदी कहानियों प्रेमचंद की राजा हरदोल, प्रभु जोशी की अलग अलग तीलियाँ, तेजेंद्र शर्मा की एक बार फिर होली, ओम प्रकाश अवस्थी की होली मंगलमय हो तथा स्वदेश राणा की हो ली में होली के अलग अलग रूप देखने को मिलते हैं। भारतीय फ़िल्मों में भी होली के दृश्यों और गीतों को सुंदरता के साथ चित्रित किया गया है। इस दृष्टि से शशि कपूर की उत्सव, यश चोपड़ा की सिलसिला, वी शांताराम की झनक झनक पायल बाजे और नवरंग इत्यादि उल्लेखनीय हैं।


    

डिसक्लेमर

'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'

 

March 22, 2021

Discount

 बट्टा

0%, 15% एवं 20% का समतुल्य बट्टा निकालें | 38.8% ans

2.       एक विक्रेता 1800 रु में एक घडी खरीदकर 600 रु मूल्य बढाकर अंकित करता है और वह 2250 रु में बेच देता है तो बताइए उसने कितना % छूट दिया ?  %

3.       एक विक्रेता किसी वस्तु को 12% छूट पर बेचकर 10% लाभ कमाता है यदि उसनें वस्तु को 720 रु में ख़रीदा हो तो बताइए वस्तु का अंकित मूल्य कितना है ? 900 रु

4.       एक विक्रेता किसी वस्तु का अंकित मूल्य 1800 रु निर्धारित करता है और वह 4% छूट देने के बाद भी 20% का लाभ प्राप्त कर लेता है तो बताइए उसने वस्तु कितने रु में खरीदी|1440 रु

5.      एक विक्रेता किसी वस्तु को 4% छूट पर बेचकर 12% लाभ कमाता है | यदि वह वस्तु को बिना छूट दिए बेच दे तो उसे कितने % का लाभ या हानि होगी ?  

6.       एक विक्रेता किसी वस्तु को 20% की छूट पर बेचता है तो उसे 10% की हानि होती है | यदि वह वस्तु को बिना छूट दिए बेच दे तो उसे कितने % का लाभ या हानि होगी ? 

7.       एक विक्रेता अपने वस्तु का मूल्य कितना % बढाकर अंकित करें की उसे 8% छूट के बाद भी 15% का लाभ हो ? 25%

8.       एक विक्रेता किसी वस्तु को 10% छूट पर बेचकर 20% लाभ कमाता है यदि वह वस्तु को 16% छूट पर बेचे तो उसे कितने % का लाभ या हानि होगी ? 12%

9.       एक विक्रेता दो दर्जन निम्बू खरीदनें पर 4 निम्बू फ्री देता है तो बताइए वह ग्राहकों को कितना % छूट देता है ? 

10.   एक विक्रेता 8 पुस्तक खरीदनें पर 2 पुस्तक फ्री देता है और वह ग्राहकों को कितना % छूट देता है ?  20%

11.   एक विक्रेता 7 पेंसिल खरीदनें पर 1 पेंसिल फ्री देता है और वह ग्राहकों को 10% का अतिरिक्त छूट भी देता है तो बताइए उसनें ग्राहकों को कुल कितने % का छूट देता है ? 21.25%

12.   एक विक्रेता 5 पुस्तक खरीदने पर 1 पुस्तक फ्री देता है और वह 20% का का अतिरिक्क छूट भी देता है तो बताइए उसनें ग्राहकों को कितनें % का छूट दिया ?

13.   एक विक्रेता अपनी वस्तु का मूल्य 10% बढाकर अंकित करता है और उसे वह 4% छूट पर बेचकर 28 रु का लाभ कमाता है तो बताइए उसने वस्तु का मूल्य कितना रूपया अंकित किया था ?   550 रु

14.   एक विक्रेता अपनी वस्तु का मूल्य 35% बढाकर अंकित करता है और वह  वस्तु को 40% छूट पर बेच देता है तथा शेष वस्तु को 10% छूट पर बेचता है तो उसे 60 रु का लाभ होता है तो बताइए उसनें वस्तु कितने रूपए में खरीदी है ?  750 रु

15.   एक विक्रेता अपनी वस्तु का मूल्य इस प्रकार अंकित करता है की 4% छूट देने के बाद भी उसे 12% लाभ हो, जब वह वस्तु को बिना छूट दिए बेच देता है तो उसे 48 रु का लाभ होता है तो बताइए उसे छूट पर बेचने पर कितने रु का लाभ होता है ? 34.56 रु

16.   किसी वस्तु का अंकित मूल्य उसके क्रय मूल्य से कितना % बढाया जाए की अंकित मूल्य पर 10% का छूट देने के बाद 20% का लाभ हो ? 

17.   A तथा B एक काम को क्रमशः 20दिन तथा25 दिन में कर सकते है | A के 2 दिन काम करने के पश्चात B काम में शामिल हो जाता है तो शेष काम कितने दिनों में समाप्त होगा ? 10दिन

18.   एक दुकानदार एक वस्तु पर ग्राहक से 5% लाभ तथा फुटकर ग्राहक उस वस्तु को अपने ग्राहक से 8% लाभ कमाता है | यदि फुटकर ग्राहक 283.50रु में ख़रीदा हो तो वस्तु का लागत मूल्य ज्ञात करें ?  250%

19.   किसी वस्तु के लिए 25% छूट पर 25% लाभ हो तो यदि 10% छूट हो तो % लाभ ज्ञात करें ? 50%

20.   एक विक्रेता क्रय मूल्य पर 20% का छूट देता है तो अंकित मूल्य कितना % अधिक होगा की % लाभ 25% हो ?  45%

21.   एक विक्रेता किसी वस्तु को 75 रु में बेचकर उतना ही % लाभ कमाता है जितना की उस वस्तु का क्रय मूल्य रूपया में है तो उस वस्तु का क्रय मूल्य क्या होगा ? CP = 50

22.   एक वस्तु का लागत मूल्य 800 रु है उसे बेचते समय निर्धारित मूल्य पर 10% छूट दी गयी और 12.5% लाभ प्राप्त किया गया हो तो उस वस्तु का निर्धारित मूल्य ज्ञात करें | 1000 रु

23.   एक विक्रेता T. V को 8% छूट पर 17940 रु में बेचता है जिसमें उसे 19.6% का लाभ हुआ है | बिना छूट दिए उसे कितना % का लाभ होगा ?  30%

24.   यदि विक्रय मूल्य दुगुना हो तो लाभ तिगुना हो जाता है तो % लाभ ज्ञात करें? n=100%

25.   एक व्यक्ति नें एक वस्तु को 1500 रु में अंकित मूल्य के अनुसार 20% छूट प्राप्त करके ख़रीदा | उस व्यक्ति को कितना % अतिरिक्त छूट दी जाए ताकि वह 1104 रु में उस वस्तु को खरीद सके ? 1104

26.   एक दूधवाला 6.40 पैसे प्रति लीटर दूध खरीदकर उसमें पानी मिला देता है और मिश्रित दूध को 8 रु प्रति लीटर की दर से बेचकर 37.5% लाभ कमाता है तो दूध एवं पानी का अनुपात ज्ञात करें |  :  ans   

 

 

 

Run दौड़ Speed || Time || Distance

Speed Time & Distance 
Run  

Q. 1.   किमी. की दौड़ में A, B को मीटर अथवा 7 सेकण्ड से हरा देता है | इस दौड़ को पूरा करने में A कितना समय लेता है ?  
Ans. - 4 मिनट 3 सेकण्ड
Q. 2.       A, 1 किमी. दौड़ में 3 मिनट 10 सेकण्ड लेता है, जबकि B इस दौड़ में 3 मिनट 20 सेकण्ड लेता है | A,B को कितने मीटर से हराता है ?  
Ans. - 50 मीटर ( अतः A,B को 50 मीटर से हराता है )
Q. 3.       100 मीटर की दौड़ में A, 8 किमी./घंटा की गती से दौड़ता है | यदि A,B को 4 मीटर का आरम्भ दे तथा 15 सेकण्ड से उसे हरा दे, तो B की चाल ज्ञात करें | 
Ans. - 5.76 किमी./घंटा
Q. 4.       एक किमी. की दौड़ में रवि, नितिन को 400 मीटर से तथा दीपक को 200 मीटर से हरा देता है | दीपक, नितिन को कितने मीटर से हरायेगा ?
Ans.-   250 मीटर से
Q. 5.       200 मीटर की एक दौड़ में A,B को 20 मीटर से हरा देता है, जबकि 100 मीटर की दौड़ में B,C को 5 मीटर से हरा देता है | यह मानते हुए की विभिन्न दौड़ों में A,B,C की अपनी चाले एक सामान रहती है, एक किमी. की दौड़ में A,C को कितनें मीटर से हरायेगा ?  
Ans. - 855.5 मी.

Profit & Loss

Profit   & Loss

 Q_.   एक विक्रेता किसी वस्तु को 1800 रु में खरीद कर 20% लाभ पर बेचता है तो उसनें वस्तु को कितने रूपए में बेचा ?   

Ans. - 2160रु
Q_एक विक्रेता 1800 रु में एक घडी खरीदकर 20% लाभ में बेच देता है पुनः ग्राहक उसे 10% हानि पर विक्रेता को वापस लौटा देता है तो उसे क्रय-विक्रय में कितने % का लाभ या हनी होगी ? 

Ans. - 2160
Q_ एक विक्रेता किसी वस्तु को 10% हानि पर बेचता है | पुनः ग्राहक उसे 10% हानि पर वापस लौटा देता है तो विक्रेता को कितने % का लाभ या हानि होगी ?  

Ans 9%
4.       18 संतरों का क्रय मूल्य 20 संतरों के विक्रय मूल्य के बराबर है तो बताइए कितने % लाभ या हानि ज्ञात करें | 

Ans. - 10%
5.       16 संतरों का क्रय मूल्य 15 संतरों के विक्रय मूल्य के बराबर है तो बताइए कितने % लाभ या हानि होगी ?  

Ans . 16   2/3

 12 संतरे बेचने पर एक विक्रेता को 3 वस्तुओं के विक्रय मूल्य के बराबर लाभ होता है तो उसे कितने % का लाभ होता है ?   
7.       एक विक्रेता वस्तु को क्रय्मुल्य पर बेचने का दावा करता है परन्तु वह 1 kg वजन के स्थान पर 880 gm वजन का प्रयोग करता है तो बताइए कितना % लाभ होगा ?

8.       एक विक्रता वास्तु को क्रय मूल्य पर बेचने का दावा करता है फिर भी वह 20% का लाभ प्राप्त करता तो बताइए वह 750 g वजन के स्थान पर कितना gm वजन का प्रयोग करता है ? 625
9.       एक विक्रेता 1 kg वजन के स्थान पर 960 gm वजन का प्रयोग करता है और वह वस्तु को 8% लाभ पर बेचने का दावा करता हो तो बताइए उसे कितना % लाभ होता है ?  
10.   एक विक्रेता 20% कम वजन का प्रयोग करता है और वास्तु का 10% लाभ पर बेचने का दावा करता है तो बताइए की उसे कितना % लाभ होगा ? 
11.   5 रु में 8 के दर से निम्बू खरीदकर किस दर से बेचा जाए की 20% का लाभ हो ? 3 रु में 4 की दर से
12.   5 रु प्रति दर से निम्बू खरीदकर किस दर से बेचा जाये की 50% का लाभ हो ?  5 रु में 8 की दर से
13.   5 रु में 4 की दर से बेचने पर एक विक्रेता को 25 % का लभ होता हो तो उसने किस दर से वास्तु ख़रीदा ? 1 रु 1 की दर से
14.   5 रु में 8 की दर से निम्बू बेचने पर 20 % हानी होती है तो उसे किस दर से बेचा जाए की 12% लाभ हो ?  7 रु में 8 की दर से
15.   1 रु में 12 की दर से कांच की गोली बेचने पर 12% की हानि होती है उसे कितने दर से बेचा जाय की 32% का लाभ हो ?  1 रु में 8 की दर से
16.   5 रु में 8 की दर से निम्बू खरीदकर उसे 3 रु मन 4 की दर से बेच दिया जाता है तो कितने %का लाभ या हानि होता है ?  20%
17.   एक विक्रेता 3 रु में 5 की दर से निम्बू खरीदकर 5 रु में 8 की दर से बेच देता है तो उसे 18% का लाभ होता है तो बताइए उसनें कितना निम्बू खरीदकर बेचा ?   720 निम्बू
18.   2 निम्बू में 5 की दर से कुछ निम्बू खरीदी जाती है | उतनी ही निम्बू 3 रु में 4 की दर से खरीदी जाती है और खरीदे गए निम्बू को 2 रु में 3 की दर से बेच दी जाती है तो बताइए उसे कितने % का लाभ या हानि होती है ?    
19.   1 रु में 4 की दर से कुछ निम्बू खरीदी जाए और उतनी ही निम्बू 1 रु में 8 की दर से खरीदी जाए और उसे 1 रु में 6 की दर से बेच दिया जाए तो % लाभ या हानि ज्ञात करें ? 
20.   एक विक्रेता खरीदते समय 20% का लाभ प्राप्त करता है जबकि बेचते समय उसे 20 % का लाभ होता है तो उसे वास्तव में कितनें % का लाभ होगा ?  44%
21.   एक विक्रेता किसी वस्तु को 10% लाभ पर बेचता है | यदि उसनें वास्तु को 50 रु कम में खरीदकर प्रारंभिक मूल्य पर ही बेचता हो तो उसे 15% का लाभ होता हो तो बताइए उसनें वस्तु कितने रूपए में खरीदी ?  1150 रु
22.   एक विक्रता किसी वस्तु को 12% लाभ पर बेचता है | यदि वह 50% अधिक में खरीदकर प्रारंभिक मूल्य पर ही बेचता हो तो उसे 8% का लाभ होता हो तो बताइए उसनें वस्तु कितने रूपए में खरीदी ? 1350 रु
23.   एक विक्रेता किसी वस्तु को 10% लाभ पर बेचता है | यदि उसनें वस्तु को 10 % कम दाम में खरीदकर 5 रु कम में बेचता फिर भी उसे 20% का लाभ होता है तो बताइए उसनें वस्तु को कितने रूपए में ख़रीदा ?  250 रूपए
24.   एक विक्रेता किसी वस्तु को 15% लाभ पर बेचता है | यदि उसनें वस्तु को 5% कम दाम पर खरीदकर 5 रु कम में बेचता फिर भी उसे 20% का लाभ होता है तो बताइए उसनें वस्तु को कितने रूपए में ख़रीदा ? 500 रु में
25.   एक विक्रेता किसी वस्तु को 4% हानि पर बेचता है | यदि उसनें वस्तू को 18 रु में बेचता है तो उसे 8% का लाभ होता तो बताइए उसनें वस्तु को कितने रु में ख़रीदा ?  150 रु. में
26.   एक विक्रेता नें किसी वस्तु को 15 % लाभ पर बेचा यदि उसने वस्तु को 18 रु कम में बेचा तो उसे 10% का लाभ होता तो उसनें वास्तु को कितने रु में ख़रीदा ?  360 रु
27.   एक विक्रेता किसी वस्तु को 720 रु में बेचकर 10% हानि उठाता है तो उसे 12% लाभ के लिए कितने रु में बेचना होगा ? 896 रु
28.   एक विक्रेता एक रेडियो एवं एक घडी 1800 रु में खरीदकर रेडियो को 10% लाभ पर एवं घडी को 5% हानि पर बेच दिया तो उसे कुल मिलाकार  45 रु का लाभ हुआ तो बताइए उसनें रेडियो को कितने रु में ख़रीदा?  900 रु
29.   एक विक्रेता दो वस्तुओं को 1200 रु में खरीदकर पहले वस्तु को 8% लाभ पर एवं दुसरे को 20% लाभ पर बेच दिया | यदि उसे कुल मिलाकर 12.5% का लाभ हुआ हो तो पहला वस्तु कितने रु में ख़रीदा ? 750  रु
30.   एक विक्रेता दो वस्तुओं को 1800 रु में खरीदकर पहले वस्तु को 12% लाभ पर एवं दुसरे वस्तु को 15% हानि पर बेचता है तो उसे न ही लाभ और न ही हानि होती है तो बताइए उसने पहले वास्तु को कितने रु में ख़रीदा ?  1000 रु
31.   किसी वस्तु को 1080 रु में बेचने पर जितना लाभ होता है उसका दुगुना हानि होती है जब उसे 840 रु में बेच दी जाती है तो बताइए उसनें वस्तु को कितने रूपए में ख़रीदा एवं पहले मूल्य पर बेचने पर कितने रु का लाभ होगा ?   1000 रु का लाभ होगा
32.   एक विक्रेता किसी वस्तु को 1040 रु में बेचकर जितना लाभ प्राप्त करता है उतनी ही हानि होती है जब उसे 928 रु में बेच दी जाती है तो बताइए वस्तु का क्रय मूल्य कितना रुपया है ?  984 रु ans
33.     एक विक्रेता दो समान मूल्य वाले घड़ियों को 20% लाभ पर बेचने का दावा करता है लेकिन एक के विक्रय मूल्य पर लाभ लेता है यदि दोनों घड़ियों के विक्रय मूल्य का अंतर 48 रु हो तो प्रत्येक घडी का क्रय मूल्य क्या है ?   960 रु
34.   एक विक्रेता 360 रु में घडी खरीदकर विक्रय मूल्य का  भाग लाभ पर बेच देता है तो बताइए उसनें घडी को कितने रु में बेचा ?  504 रु
35.   एक विक्रेता दो वस्तुओं को 1350 रु में खरीदकर पहले वस्तु को 10% लाभ पर एवं दुसरे वस्तु को 12% हानि पर बेचता है तो प्रत्येक का विक्रय मूल्य बराबर हो जाता है तो पहले वस्तु का क्रय मूल्य ज्ञात करें ?  600 रु
36.     एक विक्रेता दो वस्तुओं को 1800 रु में खरीदकर पहले वस्तु को 25% लाभ पर एवं 20% हानि पर बेचता है तो बताइए उसे व्यापार में कितने % का लाभ या हानि होगी ? 
37.   एक विक्रेता दो वस्तुओं को क्रमशः 15% लाभ पर एवं 15% हानी पर बेचता है तो उनके विक्रय मूल्य समान हो जाते है तो बताइए विक्रेता को व्यापार में कितने % का लाभ या हानि होगी ?  2.25%
38.   एक विक्रेता दो वस्तुओं में से प्रत्येक को 1800 रु में बेचता है पहले वस्तु पर उसे 20% का लाभ एवं दुसरे वस्तु पर 20%की हानि होती है तो बताइए उसे व्यापार में कितनें रु का लाभ या हानि होती है ? 144 रु ans
39.   18 रु प्रति दर्जन की दर से 40 दर्जन की दर से 40दर्जन अंडा खरीदकर एक विक्रेता  भाग10%हानि पर बेच देता है शेष अंडे को वह कितने % लाभ पर बेचे की उसे कुल मिलाकर 15% का लाभ हो ?27.5%
40.   एक विक्रेता अपनी वस्तु का 1/4   भाग    10% लाभ पर एवं शेष को 8% का लाभ पर बेचता है तो उसे कुल मिलाकर 102 रु का लाभ होता है तो उसने वस्तु कितने रु ख़रीदा ? 1200 रु