Showing posts with label भौतिकी कक्षा 11. Show all posts
Showing posts with label भौतिकी कक्षा 11. Show all posts

July 28, 2025

class 11 Chapter - 3 Motion in a Plane समतल में गति

 अध्याय - 3 समतल में गति 

1. साइकिल में मडगार्ड क्यों लगाये जाते हैं ?

उत्तर वृत्तीय गति करने वाले कण के रेखीय वेग की दिशा सदैव वृत्तीय मार्ग की स्पर्श रेखा के अनुदिश होती है, अतः यदि वृत्तीय गति करने वाली वस्तु को मुक्त कर दिया जाये तो वह स्पर्श रेखा की दिशा में चली जाती है। साइकिल के पहिए को घुमाने पर टावर पर लगा कीचड़ टायर की स्पर्श रेखा की दिशा में छिटक जाता है।

अतः कपड़ों की सुरक्षा के लिए साइकिल में मडगार्ड लगाया जाता है।

2. तोप से ​​छूटे गोलों का पथ तो परवलयाकार होता है, समुद्र तट तक मार करने वाली अंतर्महाद्वीपीय मिसाइलों (इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल) का पथ परवलयाकार नहीं होता, क्यों?

उत्तर- प्रक्षेप्य का पथ परवलयाकार तभी होता है जबकि त्वरण अचर हो तथा प्रक्षेप्य के वेग की दिशा वरण को दिशा से भिन्न हो। पृथ्वी तल पर प्रक्षेप्य गति में गुरुत्वीय त्वरण : कार्यरत होता है। अतः प्रक्षेप्य का पथ निम्न परिस्थितियों में ही परवलयाकार हो सकता है-

(a) प्रक्षेप्य अधिक ऊँचाई तक न जाये क्योंकि ऊँचाई पर जाने पर का मान घटने लगता है।

(b) प्रक्षेप्य का स्वाद पारस अधिक न हो।

(c) प्रक्षेप्य का वेग अधिक न हो अन्यथा वायु का घर्षण नगण्य नहीं होगा।

अतः उपर्युक्त कारणों से मिसाइलों का पथ परवलयाकार नहीं होता है।


3. फायरिंग करते समय गोली को ठीक लक्ष्य पर दागने की बजाय उससे थोड़ा-सा ऊपर दागना चाहिये, क्यों ?

उत्तर- यदि गोली को ठीक लक्ष्य पर दागा जाये तो गोली को जितने समय में लक्ष्य पर पहुंचना चाहिये उतने समय में गुरुत्वीय त्वरण के कारण वह कुछ नीचे आ जाती है। फलस्वरूप गोली ठीक लक्ष्य पर नहीं टकराती। अतः गोली को लक्ष्य से थोड़ा-सा ऊपर दागना चाहिये।

4. बन्दूक से गोली चलाते समय पीछे की ओर धक्का क्यों लगता है?

उत्तर- बंदूक से गोली चलाते समय गोली तीव्र वेग से आगे की ओर जाती है। गोली जिस बल के कारण आगे बढ़ती है बंदूक पर उतना ही प्रतिक्रिया बल पीछे की ओर लगता है, अतः बन्दूक चलाने वाले को पीछे की ओर धक्का लगता है।

5. किसी स्थिर बस के एकाएक चल पड़ने पर उसमें बैठे व्यक्ति पीछे की ओर गिर पड़ते हैं, क्यों ?

उत्तर- खड़ी हुई बस के एकाएक चल पड़ने पर बस में बैठे यात्री के शरीर का निचला सिरा भी चल पड़ता है, किन्तु शरीर का ऊपरी भाग जड़त्व के कारण विरामावस्था में अपनी जगह पर ही रह जाता है। अतः यात्री पीछे की ओर गिर पड़ते हैं।


6. क्रियो तथा प्रतिक्रिया बल समान (बराबर) तथा विपरीत होते हैं तथा वे एक-दूसरे को निरस्त नहीं करते, क्यों ?

उत्तर- क्रिया तथा प्रतिक्रिया बल एक वस्तु पर कार्य नहीं करते अपितु भिन्न-भिन्न वस्तुओं पर कार्य करते हैं अतः ये एक-दूसरे को निरस्त नहीं कर पाते।


7. गति का मूलभूत नियम कौन-सा है और क्यों ?

उत्तर- न्यूटन का द्वितीय नियम ही गति का मूलभूत नियम कहलाता है क्योंकि द्वितीय नियम से प्रथम नियम तथा तृतीय नियम निगमित किये जा सकते हैं।


8. किसी तीव्र गति से चल रही बस के एकाएक रुकने पर यात्री आगे की ओर गिरते हैं, क्यों ?

उत्तर- बस जब गतिशील है तो यात्री का सम्पूर्ण शरीर गति अवस्था में रहता है, बस के एकाएक रुकने से यात्री के शरीर का निचला भाग विरामावस्था में आ जाता है, किन्तु शरीर का ऊपरी भाग गति के जड़त्व के कारण गति अवस्था में बना रहता है अतः यात्री आगे की ओर गिर जाता है।


9. बंदूक की गोली से खिड़की के काँच में एक स्पष्ट छेद बन जाता है। लेकिन काँच नहीं टूटता है, क्यों?

उत्तर-  खिड़की के काँच पर यदि तीव्र गति से आती हुई बंदूक की गोली टकराती है तो खिड़‌कों का केवल वह भाग जहाँ छर्रा टकराता है गतिमान होकर आगे निकल जाता है तथा शेष भाग विराम के जड़त्व के कारण स्थिर ही बना रहता है। इस प्रकार काँच में एक स्पष्ट छेद बन जाता है।


10. पहाड़ों पर घुमावदार सड़क समतल न होकर बाहर की ओर कुछ उठी रहती है, क्यों ?

उत्तर- पहाड़ों की घुमावदार सड़क, समतल न होकर बाहर की ओर कुछ उठी रहती है, ऐसा होने से वाहन स्वयं ही घुमाव के केन्द्र की ओर झुक जाते हैं जिससे उन्हें वृत्तीय गति करने के लिए आवश्यक अभिकेन्द्र बल पृथ्वी को अभिलंब प्रतिक्रिया से प्राप्त हो जाता है।


प्रश्न 11. भौतिक राशि कितने प्रकार की होती हैं समझाइए 

भौतिक राशियां दो प्रकार की होती हैं 

अदिश राशियां -   वे भौतिक राशियां जिनमें केवल परिमाण होता है। 

जैसे लंबाई द्रव्यमान समय ताप घनत्व कार्य ऊर्जा विद्युत धारा आवेश प्रतिरोध विभव आदि।

सदिश राशियां - वे भौतिक राशियां जिनमे परिमाण और दिशा दोनों होते हैं।

प्रश्न - प्रक्षेप्य गति किसे कहते है उदाहरण सहित समझाइए।

उत्तर - जब किसी वस्तु को ऊर्ध्वाधर दिशा के अतिरिक्त किसी अन्य दिशा में किसी प्रारंभिक वेग से फेंका जाता है तो वह वस्तु गुरुत्व के अधीन ऊर्ध्वाधर तल में गति करती हुई जमीन के किसी अन्य बिंदु पर गिरती है। वस्तु की इस प्रकार की गति को प्रक्षेप्य गति कहते हैं।

फेंके जाने वाली वस्तु प्रक्षेप्य (Projectile) कहलाती है। प्रक्षेप्य के पथ को प्रक्षेप्य पथ (Trajectory) कहते हैं जो परवलयाकार (Parabolic) होता है।
जैसे - 
1. बंदूक से दागी गयी गोली की गति
2. वायु में फुटबाल की गति
3. गतिमान वायुयान से छोड़े गये बम की गति आदि प्रक्षेप्य गति के उदाहरण हैं।

प्रक्षेप्य गति द्विविमीय गति होती है। इस प्रकार प्रक्षेप्य गति को दो घटकों में वियोजित किया जा सकता है-
(i) क्षैतिज गति और 
(ii) ऊर्ध्वाधर गति। ये दोनों गतियाँ

प्रश्न - उड्डयन काल किसे कहते हैं इसके लिए व्यंजक निगमित कीजिए।
उड्डयन काल (Time of Flight)- प्रक्षेप्य को फेंके जाने वाले बिंदु से उच्चतम ऊँचाई तक जाने तथा पुनः फेंके जाने वाले बिंदु के क्षैतिज तल में अन्य बिंदु तक वापस लौटने में  लगा समय उसका उड्डयन काल कहलाता हैं।

June 29, 2025

Class 11 Chapter - 4. Laws of Motion गति के नियम

                                                                                                                                                                                              अध्याय - 4. गति के नियम

प्रश्न 1. क्रिकेट गेंद की तुलना में टेबल टेनिस गेंद को कैच करना आसान होता है हालाँकि दोनों के वेग समान होते हैं। क्यों ?

उत्तर- संवेग का स्थानांतरण द्रव्यमान और उस समय पर निर्भर करता है जिस पर कोई वस्तु रुकती है। टेबल टेनिस गेंद का द्रव्यमान क्रिकेट गेंद की तुलना से अधिक होता है। अतः टेबल टेनिस गेंद को कैच करना आसान होता है।

प्रश्न 2. एक घोड़ा शून्य आकाश में न तो गाड़ी खींच सकता है और न ही दौड़ सकता है, क्यों उत्तर- घोड़ा, गाड़ी को खींचते समय पृथ्वी को अपने खुरों से दबाता है। फलस्वरूप पृथ्वी प्रतिक्रिया बल लगाती है जिसके कारण घोड़ा आगे बढ़ता है। शून्य आकाश में प्रतिक्रिया बल उपलब्ध न होने के कारण घोड़ा न तो गाड़ी खींच सकता है और न ही दौड़ सकता है।


प्रश्न 3. पैराशूट की गति किसी निश्चित ऊँचाई से गिराये गये पत्थर की गति से किस प्रकार भिन्न है ?

उत्तर- जब पत्थर स्वतंत्रतापूर्वक गिरता है तो उस पर गुरुत्वीय त्वरण g कार्य करता है किंतु पैराशूट के खुलने पर उस पर वायु का प्रतिरोध कार्य करने लगता है अतः पैराशूट की गति स्वतंत्र गति नहीं होती।


प्रश्न 4. दो लड़के डोरी पकड़े बर्फ स्केट पर खड़े हैं। एक लड़का हल्का तथा दूसरा भारी है। हल्का लड़का डोरी को खींचता है। दोनों लड़के किस प्रकार गति करेंगे ?

उत्तर- जब हल्का लड़का डोरी को खींचता है तो वह भारी लड़के पर क्रिया बल लगाता है। न्यूटन के गति के तृतीय नियमानुसार, हल्के लड़के पर समान किंतु विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया बल कार्य करता है। अतः दोनों लड़के एक-दूसरे की ओर गति करने लगते हैं किंतु हल्के लड़के का त्वरण भारी लड़के के त्वरण से अधिक होगा, क्योंकि a = F/m होता है।

प्रश्न 5. रस्सी की सहायता से ऊपर चढ़ते समय हम रस्सी को नीचे की ओर खींचते हैं, क्यों ?

उत्तर- जब रस्सी को नीचे की ओर खींचते हैं अर्थात् क्रिया बल लगाते हैं तो न्यूटन के गति के तृतीय नियमानुसार रस्सी ऊपर की ओर प्रतिक्रिया बल लगाती है जिसके कारण हम ऊपर की ओर चढ़ने में समर्थ होते हैं।


प्रश्न 6. यदि विरामावस्था में कोई नाभिक दो छोटे नाभिकों में विघटित होता है तो उत्पादों को विपरीत दिशा में उत्सर्जित होना चाहिए। व्याख्या कीजिए।

उत्तर- नाभिक विरामावस्था में है। अतः उसका प्रारंभिक संवेग शून्य होगा। यदि यह नाभिक दो अन्य छोटे नाभिकों में विघटित होता है तो संवेग संरक्षण के नियमानुसार दोनों नाभिकों के कुल संवेग को पुनः शून्य होना चाहिए। यह तभी संभव है जबकि उनकी गति की दिशाएँ विपरीत हों


प्रश्न 7. क्या प्रकृति में "एकल विलगित बल" का अस्तित्व है?

उत्तर-  प्रकृति में एकल विलगित बल संभव नहीं है। न्यूटन के गति के तृतीय नियमानुसार, प्रत्येक क्रिया के बराबर तथा विपरीत प्रतिक्रिया होती है अर्थात् बल सदैव युग्म में होते हैं।


प्रश्न 8. क्रिया और प्रतिक्रिया बल एक-दूसरे के बराबर तथा विपरीत होते हैं, फिर भी एक-दूसरे को निरस्त नहीं करते, क्यों ?

उत्तर- क्रिया और प्रतिक्रिया बल एक वस्तु पर कार्य नहीं करते अपितु भिन्न-भिन्न वस्तुओं पर कार्य करते हैं। अतः एक- दूसरे को निरस्त नहीं कर पाते।


प्रश्न 9. किसी वस्तु पर कार्य करने वाला नेट बल शून्य है तो क्या वस्तु अवश्य ही विरामावस्था में होगी ?

उत्तर- नहीं, हो सकता है कि वस्तु नियत वेग से गतिमान हो।


प्रश्न 5. क्या कोई वस्तु विरामावस्था में रह सकती है यदि उस पर बाह्य बल लग रहे हों ?


उत्तर- हाँ, यदि समस्त बलों के परिणामी का मान शून्य हो।

प्रश्न.6. एक घोड़ा शून्य आकाश में न तो गाड़ी खींच सकता है और न ही दौड़ सकता है, क्यों ?

उत्तर- घोड़ा, गाड़ी को खींचते समय पृथ्वी को अपने खुरों से दबाता है। फलस्वरूप पृथ्वी प्रतिक्रिया बल लगाती है जिसके कारण घोड़ा आगे बढ़ता है। शून्य आकाश में प्रतिक्रिया बल उपलब्ध न होने के कारण घोड़ा न तो गाड़ी खींच सकता है और न ही दौड़ सकता है।


प्रश्न 8. संवेग संरक्षण का नियम लिखिए।


Class 11 Chapter - 2 Motion in a Straight Line सरल रेखा में गति

वेग (Velocity)

सरल रेखा में गति किसे कहते हैं?

जब कोई वस्तु सरल रेखा में गति करती है तो इस गति को सरल रेखा में गति या ऋजुरेखीय गति भी कहते हैं।

वस्तु की सरल रेखा में गति को एक विमीय गति भी कहते हैं।

जैसे-

  • रेलवे ट्रैक पर दौड़ती रेल गाड़ी की गति
  • बन्दुक की गोली की गति
  • सीधी सड़क पर चलती कार की गति आदि।


प्रश्न- दूरी किसे कहते हैं इसका मात्रक एवं विमीय सूत्र लिखिए यह कैसी राशि है?

उत्तर - किसी समय अंतराल में वस्तु द्वारा तय किए गए पथ (मार्ग) की लंबाई को दूरी कहते हैं। 

यदि वस्तु AXYB मार्ग में चलती है तो A से B तक जाने में वस्तु द्वारा तय की गई

दूरी = AX + XY + YB


मात्रक - दूरी का CGS मात्रक सेमी (cm) तथा SI मात्रक मीटर (m) है।


विमीय सूत्र - इसका विमीय सूत्र [L] या [M°LT°] होता है।


दूरी एक अदिश राशि है। यह गतिमान वस्तु के पथ की लंबाई पर निर्भर करती है। दूरी सदैव धनात्मक होती है।


प्रश्न- विस्थापन किसे कहते हैं? इसका मात्रक एवं विमीय सूत्र लिखिए यह कैसी राशि है?

एक विशेष दिशा (निश्चित दिशा) में वस्तु द्वारा तय की गई दूरी को उसका विस्थापन कहते हैं।

मानलो समय t1 पर वस्तु की स्थिति x₁ तथा समय t2 पर x2 है। 

तब वस्तु का विस्थापन = x2 - x1

विस्थापन गतिमान वस्तु के पथ की आकृति पर निर्भर नहीं करता। यह प्रारंभिक स्थिति और अंतिम स्थिति के बीच की न्यूनतम दूरी होती है।


मात्रक - विस्थापन मूलतः लंबाई ही है। इस प्रकार CGS पद्धति में विस्थापन का मात्रक सेमी तथा SI मात्रक मीटर है।

इसका विमीय सूत्र [M°LT°] है। विस्थापन एक सदिश राशि है।


प्रश्न - दूरी और विस्थापन में अंतर स्पष्ट कीजिए।

 


प्रश्न- चाल किसे कहते हैं? इसका मात्रक एवं विमीय सूत्र लिखिए यह कैसी राशि है?

वस्तु द्वारा एकांक समय में चली गई दूरी को उसकी चाल कहते हैं।

यदि कोई वस्तु t समय में s दूरी तय करती है तो उसकी 

चाल एक अदिश राशि है जो दूरी पर निर्भर करती है।

प्रश्न- वेग किसे कहते हैं? इसका मात्रक एवं विमीय सूत्र लिखिए यह कैसी राशि है?

वेग - एक निश्चित दिशा में गतिमान वस्तु द्वारा एकांक समय में चली गई दूरी को उसका वेग कहते हैं।

सूत्र के रूप में,

यदि t समय में वस्तु का विस्थापन x हो, तो उसका
मात्रक -
                                         से

वेग का मात्रक = विस्थापन का मात्रक /समय का मात्रक


वेग का मात्रक = वेग का SI मात्रक = मीटर सेकंड

इस प्रकार CGS पद्धति में वेग का मात्रक सेमी सेकंड होता है।


वेग सदिश राशि है क्योंकि यह विस्थापन की पर निर्भर करती है।


प्रश्न-त्वरण किसे कहते हैं? इसका मात्रक एवं विमीय सूत्र लिखिए यह कैसी राशि है?


Class 11 Chapter - 1 Units and Measurement मात्रक और मापन

 अध्याय - 1 मात्रक और मापन 

     Chapter - 1 Units and Measurement

प्रश्न - भौतिक राशियां क्या है कितने प्रकार की होती है? What are physical quantities and how many types are there?

वे राशियों जिनको आसानी से गिना या मापा जाता है, उन्हें भौतिक राशि कहते हैं। Those quantities which can be easily counted or measured are called physical quantities.


भौतिक राशियाँ दो प्रकार की होती हैं-  There are two types of physical quantities-

१. मूल राशियाँ और  The principal amounts and

२. व्युत्पन्न राशियाँ। Derived quantities.


मूल राशियाँ (Fundamental Quantities) - वे भौतिक राशियों जिन्हें व्यक्त करने के लिए अन्य भौतिक राशियों की आवश्यकता नहीं होती है।  इनकी संख्या सात है। लंबाई, द्रव्यमान, समय, ताप, ज्योति तीव्रता, विद्युत धारा और पदार्थ की मात्रा ये मूल राशियाँ कहलाती हैं।  Those physical quantities which do not require other physical quantities to express them. Their number is seven. Length, mass, time, temperature, luminous intensity, electric current and quantity of matter are called fundamental quantities.


व्युत्पन्न राशियाँ (Derived Quantities) वे भौतिक राशियाँ जिनको मूल राशियों से व्युत्पन्न की जा सकता हैं, उन्हें व्युत्पन्न राशियाँ कहते हैं। Those physical quantities which can be derived from fundamental quantities are called derived quantities.


उदाहरण-  Example-

(i) क्षेत्रफल = लंबाई*चौड़ाई =(लंबाई) ^2

(i) Area = Length*Breadth =(Length)^2


इस प्रकार क्षेत्रफल को मूल राशि लंबाई के ऊपर घांत 2 लगाकर व्युत्पन्न किया जा सकता है। अतः क्षेत्रफल एक व्युत्पन्न राशि है In this way, area can be derived by applying power 2 on the fundamental quantity length. Hence area is a derived quantity.


प्रश्न - मापन से आप क्या समझते है What you understand by measurement 

किसी भौतिक राशि के मापन का अर्थ है उसका संदर्भ मानक से तुलना करना। संदर्भ मानक सर्वमान्य उसी प्रकार की ही भौतिक राशि होती है।  Measuring a physical quantity means comparing it with a reference standard. A reference standard is a generally accepted physical quantity of the same type.

किसी भौतिक राशि के परिमाण को व्यक्त करने के लिए दो बातों का होना आवश्यक है  To express the magnitude of any physical quantity two things are necessary

  • संख्यात्मक मान  Numerical value

  • भौतिक राशि का मात्रक  Unit of physical quantity


प्रश्न - मात्रक से आप क्या समझते है? समझाइए। What do you understand by unit? Explain.

भौतिक राशि के मापन के लिए उपयोग किए जाने संदर्भ मानक को उस भौतिक राशि का मात्रक कहते है।  The reference standard used for measurement of a physical quantity is called the unit of that physical quantity.

मात्रक दो प्रकार के होते है -  There are two types of units-

  1. मूल मात्रक fundamental unit

  2. व्युत्पन्न मात्रक derived unit

मूल मात्रक fundamental unit- वे मात्रक जो एक-दूसरे से पूर्णतः स्वतंत्र होते हैं तथा जिन्हें अन्य मात्रकों से व्युत्पन्न नहीं किया जा सकता। वास्तव में मूल राशियों के मात्रकों को ही मूल मात्रक कहते हैं।  Those units which are completely independent of each other and cannot be derived from other units. In fact, the units of basic quantities are called basic units.

इनकी संख्या सात है। लंबाई, द्रव्यमान, समय, ताप, ज्योति-तीव्रता, विद्युत धारा और पदार्थ की मात्रा के मात्रक ही मूल मात्रक हैं। Their number is seven. The units of length, mass, time, temperature, luminous intensity, electric current and quantity of matter are the fundamental units.


व्युत्पन्न मात्रक derived unit - वे मात्रक जो मूल मात्रकों से व्युत्पन्न (या प्राप्त) किये जा सकते हैं। Units that can be derived (or obtained) from fundamental units.


दूसरे शब्दों में, व्युत्पन्न राशियों के मात्रक को व्युत्पन्न मात्रक कहते हैं। In other words, the units of derived quantities are called derived units.


उदाहरण (i) क्षेत्रफल का मात्रक मीटर^2 एक व्युत्पन्न मात्रक है, क्योंकि यह मात्रक मूल मात्रक मीटर से व्युत्पन्न किया गया है।

Example (i) The unit of area metre^2 is a derived unit because this unit is derived from the fundamental unit metre.

(ii) वेग का मात्रक मीटर सेकंड^-1 एक व्युत्पन्न मात्रक है, क्योंकि यह मात्रक, मूल मात्रक मीटर और सेकंड से व्युत्पन्न किया गया है।

(ii) The unit of velocity metre second^-1 is a derived unit because this unit is derived from the fundamental units metre and second.


प्रश्न - मात्रकों की पद्धति से आप क्या समझते हैं ? मात्रकों की पद्धतियों को समझाइए। What do you understand by system of units? Explain the systems of units.?

मूल मात्रक और व्युत्पन्न मात्रकों के संपूर्ण समुच्चय को मात्रकों की पद्धति (प्रणाली) कहते हैं।The complete set of fundamental units and derived units is called the system of units.

मात्रकों की निम्नलिखित पद्धतियां हैं -  The following are the systems of units -

  1. CGS पद्धति - CGS System -

  2. MKS पद्धति -  MKS system

  3. FPS पद्धति -  FPS system

  4. SI पद्धति-  SI System

CGS पद्धति - CGS पद्धति का पूरा नाम सेंटीमीटर - ग्राम- सेकंड है। इस पद्धति में लंबाई का मात्रक सेंटीमीटर, द्रव्यमान का मात्रक किलोग्राम तथा समय का मात्रक सेकंड होता है। The full form of the CGS system is centimeter - gram - second. In this system, the unit of length is centimeter, the unit of mass is kilogram and the unit of time is second.


MKS पद्धति - MKS पद्धति का पूरा नाम मीटर- किलोग्राम - सेकंड है । इस पद्धति में लंबाई का मात्रक मीटर, द्रव्यमान का मात्रक किलोग्राम तथा समय का मात्रक सेकंड होता है। The full form of the MKS system is meter-kilogram-second. In this system, the unit of length is meter, the unit of mass is kilogram and the unit of time is second.


FPS पद्धति - FPS पद्धति का पूरा नाम फुट- पॉइंट- सेकंड है। इस पद्धति में लंबाई का मात्रक फुट, द्रव्यमान का मात्रक पॉन्ड तथा समय का मात्रक सेकंड होता है। इसे ब्रिटिश पद्धति भी कहते हैं।  The full form of the FPS system is foot-point-second. In this system, the unit of length is foot, the unit of mass is pound and the unit of time is second. This is also called the British system.


SI पद्धति- SI पद्धति मात्रकों की अंतर्राष्ट्रीय पद्धति (international system of unit) है। SI पद्धति सात मूल मात्रक एवं दो पूरक मूल मात्रक होते हैं जो निम्न अनुसार है-  SI system is the international system of units. SI system has seven basic units and two supplementary basic units which are as follows-




प्रश्न - मात्रकों की विशेषताएं लिखिए Write the characteristics of units 

मात्रकों की निम्नलिखित विशेषताएं हैं -  The units have the following characteristics -

1. मात्रक सर्वमान्य हो। The units should be universally accepted.

2. मात्रक मा सुपरिभाषित हो। The units should be well defined.

3. समय और स्थान के साथ मात्रक में परिवर्तन ना हो।  There should be no change in units with time and place.

4. मात्रक उचित आकार का हो अर्थात उसका आकार ना तो बहुत बड़ा हो और ना ही बहुत छोटा। The unit should be of appropriate size, i.e. its size should neither be too big nor too small.

5. भौतिक कारक जैसे- ताप दाब आदि से प्रभावित न हो। It should not be affected by physical factors like temperature, pressure etc.


प्रश्न 2.विमीय विश्लेषण के अनुप्रयोग लिखिए  Write the applications of dimensional analysis.

 उत्तर विमीय विश्लेषण के अनुप्रयोग निम्न है  The applications of dimensional analysis are as follows:

1. भौतिक समीकरणों की शुद्धता की जांच करना  Checking the correctness of physical equations.

2. विभिन्न भौतिक राशियों के मध्य संबंध स्थापित करना। To establish relations between various physical quantities.

3. एक पद्धति के मात्रकों को दूसरी पद्धति के मात्रकों में बदलना। Converting units of one system to units of another system. 

4. भौतिक राशियों के मात्रक ज्ञात करना।  To find the units of physical quantities.


प्रश्न. - गति के समीकरण v= u+at की शुद्धता की जांच कीजिए जहां u प्रारंभिक, v अंतिम वेग और t समय है। Check the accuracy of the equation of motion v= u+at, where u is initial velocity, v is final velocity, a is acceleration and t is time.