July 28, 2025

class 11 Chapter - 3 Motion in a Plane समतल में गति

 अध्याय - 3 समतल में गति 

1. साइकिल में मडगार्ड क्यों लगाये जाते हैं ?

उत्तर वृत्तीय गति करने वाले कण के रेखीय वेग की दिशा सदैव वृत्तीय मार्ग की स्पर्श रेखा के अनुदिश होती है, अतः यदि वृत्तीय गति करने वाली वस्तु को मुक्त कर दिया जाये तो वह स्पर्श रेखा की दिशा में चली जाती है। साइकिल के पहिए को घुमाने पर टावर पर लगा कीचड़ टायर की स्पर्श रेखा की दिशा में छिटक जाता है।

अतः कपड़ों की सुरक्षा के लिए साइकिल में मडगार्ड लगाया जाता है।

2. तोप से ​​छूटे गोलों का पथ तो परवलयाकार होता है, समुद्र तट तक मार करने वाली अंतर्महाद्वीपीय मिसाइलों (इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल) का पथ परवलयाकार नहीं होता, क्यों?

उत्तर- प्रक्षेप्य का पथ परवलयाकार तभी होता है जबकि त्वरण अचर हो तथा प्रक्षेप्य के वेग की दिशा वरण को दिशा से भिन्न हो। पृथ्वी तल पर प्रक्षेप्य गति में गुरुत्वीय त्वरण : कार्यरत होता है। अतः प्रक्षेप्य का पथ निम्न परिस्थितियों में ही परवलयाकार हो सकता है-

(a) प्रक्षेप्य अधिक ऊँचाई तक न जाये क्योंकि ऊँचाई पर जाने पर का मान घटने लगता है।

(b) प्रक्षेप्य का स्वाद पारस अधिक न हो।

(c) प्रक्षेप्य का वेग अधिक न हो अन्यथा वायु का घर्षण नगण्य नहीं होगा।

अतः उपर्युक्त कारणों से मिसाइलों का पथ परवलयाकार नहीं होता है।


3. फायरिंग करते समय गोली को ठीक लक्ष्य पर दागने की बजाय उससे थोड़ा-सा ऊपर दागना चाहिये, क्यों ?

उत्तर- यदि गोली को ठीक लक्ष्य पर दागा जाये तो गोली को जितने समय में लक्ष्य पर पहुंचना चाहिये उतने समय में गुरुत्वीय त्वरण के कारण वह कुछ नीचे आ जाती है। फलस्वरूप गोली ठीक लक्ष्य पर नहीं टकराती। अतः गोली को लक्ष्य से थोड़ा-सा ऊपर दागना चाहिये।

4. बन्दूक से गोली चलाते समय पीछे की ओर धक्का क्यों लगता है?

उत्तर- बंदूक से गोली चलाते समय गोली तीव्र वेग से आगे की ओर जाती है। गोली जिस बल के कारण आगे बढ़ती है बंदूक पर उतना ही प्रतिक्रिया बल पीछे की ओर लगता है, अतः बन्दूक चलाने वाले को पीछे की ओर धक्का लगता है।

5. किसी स्थिर बस के एकाएक चल पड़ने पर उसमें बैठे व्यक्ति पीछे की ओर गिर पड़ते हैं, क्यों ?

उत्तर- खड़ी हुई बस के एकाएक चल पड़ने पर बस में बैठे यात्री के शरीर का निचला सिरा भी चल पड़ता है, किन्तु शरीर का ऊपरी भाग जड़त्व के कारण विरामावस्था में अपनी जगह पर ही रह जाता है। अतः यात्री पीछे की ओर गिर पड़ते हैं।


6. क्रियो तथा प्रतिक्रिया बल समान (बराबर) तथा विपरीत होते हैं तथा वे एक-दूसरे को निरस्त नहीं करते, क्यों ?

उत्तर- क्रिया तथा प्रतिक्रिया बल एक वस्तु पर कार्य नहीं करते अपितु भिन्न-भिन्न वस्तुओं पर कार्य करते हैं अतः ये एक-दूसरे को निरस्त नहीं कर पाते।


7. गति का मूलभूत नियम कौन-सा है और क्यों ?

उत्तर- न्यूटन का द्वितीय नियम ही गति का मूलभूत नियम कहलाता है क्योंकि द्वितीय नियम से प्रथम नियम तथा तृतीय नियम निगमित किये जा सकते हैं।


8. किसी तीव्र गति से चल रही बस के एकाएक रुकने पर यात्री आगे की ओर गिरते हैं, क्यों ?

उत्तर- बस जब गतिशील है तो यात्री का सम्पूर्ण शरीर गति अवस्था में रहता है, बस के एकाएक रुकने से यात्री के शरीर का निचला भाग विरामावस्था में आ जाता है, किन्तु शरीर का ऊपरी भाग गति के जड़त्व के कारण गति अवस्था में बना रहता है अतः यात्री आगे की ओर गिर जाता है।


9. बंदूक की गोली से खिड़की के काँच में एक स्पष्ट छेद बन जाता है। लेकिन काँच नहीं टूटता है, क्यों?

उत्तर-  खिड़की के काँच पर यदि तीव्र गति से आती हुई बंदूक की गोली टकराती है तो खिड़‌कों का केवल वह भाग जहाँ छर्रा टकराता है गतिमान होकर आगे निकल जाता है तथा शेष भाग विराम के जड़त्व के कारण स्थिर ही बना रहता है। इस प्रकार काँच में एक स्पष्ट छेद बन जाता है।


10. पहाड़ों पर घुमावदार सड़क समतल न होकर बाहर की ओर कुछ उठी रहती है, क्यों ?

उत्तर- पहाड़ों की घुमावदार सड़क, समतल न होकर बाहर की ओर कुछ उठी रहती है, ऐसा होने से वाहन स्वयं ही घुमाव के केन्द्र की ओर झुक जाते हैं जिससे उन्हें वृत्तीय गति करने के लिए आवश्यक अभिकेन्द्र बल पृथ्वी को अभिलंब प्रतिक्रिया से प्राप्त हो जाता है।


प्रश्न 11. भौतिक राशि कितने प्रकार की होती हैं समझाइए 

भौतिक राशियां दो प्रकार की होती हैं 

अदिश राशियां -   वे भौतिक राशियां जिनमें केवल परिमाण होता है। 

जैसे लंबाई द्रव्यमान समय ताप घनत्व कार्य ऊर्जा विद्युत धारा आवेश प्रतिरोध विभव आदि।

सदिश राशियां - वे भौतिक राशियां जिनमे परिमाण और दिशा दोनों होते हैं।

प्रश्न - प्रक्षेप्य गति किसे कहते है उदाहरण सहित समझाइए।

उत्तर - जब किसी वस्तु को ऊर्ध्वाधर दिशा के अतिरिक्त किसी अन्य दिशा में किसी प्रारंभिक वेग से फेंका जाता है तो वह वस्तु गुरुत्व के अधीन ऊर्ध्वाधर तल में गति करती हुई जमीन के किसी अन्य बिंदु पर गिरती है। वस्तु की इस प्रकार की गति को प्रक्षेप्य गति कहते हैं।

फेंके जाने वाली वस्तु प्रक्षेप्य (Projectile) कहलाती है। प्रक्षेप्य के पथ को प्रक्षेप्य पथ (Trajectory) कहते हैं जो परवलयाकार (Parabolic) होता है।
जैसे - 
1. बंदूक से दागी गयी गोली की गति
2. वायु में फुटबाल की गति
3. गतिमान वायुयान से छोड़े गये बम की गति आदि प्रक्षेप्य गति के उदाहरण हैं।

प्रक्षेप्य गति द्विविमीय गति होती है। इस प्रकार प्रक्षेप्य गति को दो घटकों में वियोजित किया जा सकता है-
(i) क्षैतिज गति और 
(ii) ऊर्ध्वाधर गति। ये दोनों गतियाँ

प्रश्न - उड्डयन काल किसे कहते हैं इसके लिए व्यंजक निगमित कीजिए।
उड्डयन काल (Time of Flight)- प्रक्षेप्य को फेंके जाने वाले बिंदु से उच्चतम ऊँचाई तक जाने तथा पुनः फेंके जाने वाले बिंदु के क्षैतिज तल में अन्य बिंदु तक वापस लौटने में  लगा समय उसका उड्डयन काल कहलाता हैं।

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