भाग-अ: वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्र. 1. सही विकल्प का चयन कीजिए: (6 अंक)
1.
विद्युत विभव का मात्रक है:
(अ) न्यूटन/कूलॉम (ब) जूल/कूलॉम
(स) कूलॉम/जूल (द) न्यूटन-मीटर
2.
एक समविभव पृष्ठ पर एक आवेश को एक
बिंदु से दूसरे बिंदु तक ले जाने में किया गया कार्य होता है:
(अ) धनात्मक (ब) ऋणात्मक
(स) शून्य (द) अनंत
3.
पृथ्वी का विद्युत विभव माना जाता
है:
(अ) शून्य (ब) धनात्मक
(स) ऋणात्मक (द) निश्चित नहीं
4.
दो संधारित्रों को श्रेणीक्रम में
जोड़ने पर प्रत्येक संधारित्र पर समान रहता है
(अ) विभवांतर (ब) आवेश
(स) धारिता (द) ऊर्जा
5.
समांतर प्लेट संधारित्र की प्लेटों
के बीच की दूरी बढ़ाने पर उसकी धारिता:
(अ) बढ़ती है (ब) घटती है
(स) अपरिवर्तित रहती है (द) शून्य हो जाती
6.
विद्युत धारिता का SI मात्रक है:
(अ) फैरड (F) (ब) कूलॉम (C)
(स) वोल्ट (V) (द) ओम (Ω)
प्र. 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (6 अंक)
1.
विद्युत विभव एक ______राशि है। (अदिश / सदिश)
2.
विद्युत क्षेत्र की तीव्रता, विभव प्रवणता के ____________ मान के बराबर होती है।
3.
ध्रुवीय परावैद्युत पदार्थ का
उदाहरण __________ है।
4.
यदि संधारित्र की प्लेटों के बीच
वायु के स्थान पर K परावैद्युतांक का माध्यम भर दिया जाए,
तो धारिता ___________ गुना हो जाती है।
5.
एक फैरड = 1 कूलॉम / ____________ ।
6.
आवेशित संधारित्र में ऊर्जा उसकी
प्लेटों के बीच के ____________ क्षेत्र में संचित रहती है।
प्र. 3. सत्य/असत्य लिखिए (6 अंक)
1.
किसी बिंदु आवेश के कारण विभव दूरी
(r) के व्युत्क्रमानुपाती (1/r) होता है।
2.
विद्युत बल रेखाएं समविभव पृष्ठ के
समांतर होती हैं।
3.
धारिता का मान प्लेटों के क्षेत्रफल
पर निर्भर नहीं करता है।
4.
दो समविभव पृष्ठ एक दूसरे को कभी
नहीं काटते।
5.
वान डे ग्राफ जनित्र उच्च विभवांतर
उत्पन्न करने की एक युक्ति है।
6.
इलेक्ट्रॉन-वोल्ट (eV) विभवांतर का मात्रक है।
भाग-ब: अतिलघुउत्तरीय एवं
लघुउत्तरीय प्रश्न
प्र. 4. दो अंक के प्रश्न (कोई 5 करे) (10 अंक)
1.
विद्युत विभव को परिभाषित कीजिए तथा
इसका विमीय सूत्र लिखिए।
2.
समविभव पृष्ठ किसे कहते हैं? इसकी कोई दो विशेषताएं लिखिए।
3.
विभव प्रवणता से क्या तात्पर्य है? इसका मात्रक लिखिए।
4.
विद्युत धारिता की परिभाषा एवं इसका
मात्रक लिखिए।
5.
संधारित्र किसे कहते हैं? इसका मुख्य सिद्धांत क्या है?
6.
परावैद्युत पदार्थ क्या होते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।
7.
एक 5 μF के संधारित्र को
200 वोल्ट तक आवेशित किया जाता है। इसकी संचित ऊर्जा की गणना
कीजिए।
प्र. 5. तीन अंक के प्रश्न (कोई 4 करे) (12 अंक)
1.
बिंदु आवेश के कारण किसी दूरी पर
स्थित बिंदु पर विद्युत विभव के लिए व्यंजक निगमित कीजिए।
2.
विद्युत द्विध्रुव की अक्षीय
(अनुदैर्ध्य) स्थिति में किसी बिंदु पर विद्युत विभव का व्यंजक ज्ञात कीजिए।
3.
समांतर प्लेट संधारित्र की धारिता
के लिए सूत्र C = ε₀A/d स्थापित कीजिए।
4.
संधारित्रों के समांतर क्रम
(पार्वक्रम) संयोजन को चित्र सहित समझाइए तथा तुल्य धारिता का व्यंजक प्राप्त
कीजिए।
5.
आवेशित चालक या संधारित्र की
स्थितिज ऊर्जा के लिए व्यंजक U = ½ CV² स्थापित
कीजिए।
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प्रश्न प्रकार |
उत्तर / उत्तर के संकेत |
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1. बहुविकल्पीय |
1-(ब), 2-(स),
3-(अ), 4-(ब), 5-(ब),
6-(अ) |
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2. रिक्त स्थान |
1-अदिश, 2-ऋणात्मक,
3-H₂O / HCl, 4-K, 5-1 वोल्ट, 6-विद्युत |
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3. सत्य/असत्य |
1-सत्य, 2-असत्य
(लंबवत होती हैं), 3-असत्य, 4-सत्य,
5-सत्य, 6-असत्य (ऊर्जा का मात्रक है) |
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4. दो अंक प्रश्न संकेत |
विमीय सूत्र: [M¹L²T⁻³A⁻¹]; संचित ऊर्जा सूत्र: U = ½ CV² =
½ × (5×10⁻⁶) × (200)² = 0.1 जूल। |