July 01, 2026

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान (अर्थशास्त्र) अध्याय 1: विकास

 1. विकास की मूल अवधारणा (Concept of Development)

विकास क्या है?

विकास एक ऐसी बहुआयामी प्रक्रिया है जिसके अंतर्गत किसी समाज या राष्ट्र के जीवन स्तर में गुणात्मक और मात्रात्मक सुधार होता है। जब कोई देश अपने यहां उपलब्ध प्राकृतिक एवं मानवीय संसाधनों का सर्वोत्तम और विवेकपूर्ण उपयोग कर लेता है, तो वह निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता है।

विभिन्न व्यक्ति और विभिन्न लक्ष्य (Different People, Different Goals)

विकास की सबसे मुख्य विशेषता यह है कि अलग-अलग लोगों के लिए विकास के लक्ष्य अलग-अलग हो सकते हैं। जो बात एक व्यक्ति या समूह के लिए विकास है, वह शायद दूसरे के लिए विकास न हो; यहाँ तक कि वह दूसरे समूह के लिए विनाशकारी भी सिद्ध हो सकती है।

उदाहरण — नदी पर बांध बनाना (परस्पर विरोधी लक्ष्य):

नदी पर बांध बनाने के दो विपरीत प्रभाव होते हैं जो विभिन्न लोगों के नजरिए से अलग होते हैं:

·        सकारात्मक प्रभाव (उद्योगपतियों और सरकार के लिए विकास): बांध बनाने से प्रचुर मात्रा में बिजली का उत्पादन होगा, औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, सिंचाई के लिए पानी की सुरक्षित आपूर्ति होगी और बाढ़ नियंत्रण में मदद मिलेगी।

·        नकारात्मक प्रभाव (स्थानीय किसानों और आदिवासियों के लिए विनाश): बांध बनने के कारण एक बहुत बड़ा क्षेत्र जलमग्न हो जाता है। वहां सदियों से रह रहे स्थानीय किसानों और आदिवासियों को अपनी पैतृक भूमि छोड़नी पड़ती है, जिससे उनका विस्थापन (Displacement) होता है और उनकी आजीविका तथा जीवन का पारंपरिक ढांचा पूरी तरह नष्ट हो जाता है।

2. आय और अन्य महत्वपूर्ण लक्ष्य (Income and Other Goals)

क्या मनुष्य के लिए केवल अधिक आय (पैसा) ही पर्याप्त है? इसका स्पष्ट उत्तर है — नहीं। मनुष्य का जीवन केवल भौतिक वस्तुओं पर ही निर्भर नहीं करता, बल्कि कुछ ऐसी अभौतिक चीजें भी हैं जो एक गरिमापूर्ण और सुखी जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

भौतिक वस्तुएं (पैसे या आय से प्राप्त होने वाली)

अभौतिक वस्तुएं (पैसे से न खरीदी जा सकने वाली)

 

अच्छा पक्का मकान, सुरक्षित कार, पौष्टिक भोजन, आधुनिक वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दैनिक जीवन की समस्त सुख-सुविधा की वस्तुएं।

स्वतंत्रता, समाज में समानता का व्यवहार, सुरक्षा, आदर-सम्मान, सच्ची निष्कपट मित्रता, शांतिपूर्ण पारिवारिक एवं सामाजिक वातावरण।

💡 विशेष बिंदु: मुद्रा (पैसे) से केवल भौतिक वस्तुएं खरीदी जा सकती हैं। पैसे से प्रदूषण मुक्त वातावरण, संक्रामक बीमारियों से पूर्ण सुरक्षा, सच्ची मित्रता या समाज में वास्तविक सम्मान और न्याय नहीं खरीदा जा सकता। इसलिए, लोग अपने विकास के लिए केवल एक लक्ष्य नहीं बल्कि "मिले-जुले लक्ष्यों" (मिश्रित लक्ष्यों) को देखते हैं।

3. राष्ट्रीय विकास (National Development)

राष्ट्रीय विकास से तात्पर्य किसी राष्ट्र की उस क्षमता से है, जिसके माध्यम से वह अपने सभी नागरिकों के सामूहिक जीवन स्तर में सुधार करता है। इसमें प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना मुख्य रूप से शामिल है।

आर्थिक नियोजन (Economic Planning)

देश में उपलब्ध सीमित प्राकृतिक और मानवीय संसाधनों का सही प्रकार से आकलन करके, देश के विकास को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की प्रक्रिया को आर्थिक नियोजन कहा जाता है।

भारत में नियोजन का इतिहास:

·         योजना आयोग (Planning Commission): इसकी स्थापना वर्ष 1950 में हुई थी। यह आयोग प्रत्येक 5 वर्ष के लिए 'पंचवर्षीय योजनाएं' (Five Year Plans) बनाता था। प्रथम पंचवर्षीय योजना की अवधि 1951 से 1956 थी।

·         नीति आयोग (NITI Aayog): 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग को प्रतिस्थापित करते हुए नीति आयोग (National Institution for Transforming India) का गठन किया गया। इसके पदेन अध्यक्ष देश के प्रधानमंत्री होते हैं।

राष्ट्रीय आय (National Income)

किसी देश के भीतर एक वित्तीय वर्ष में उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं के मौद्रिक मूल्य तथा विदेशों से प्राप्त शुद्ध आय के कुल जोड़ को राष्ट्रीय आय कहा जाता है।

राष्ट्रीय आय = देश के भीतर उत्पादित समस्त वस्तुओं व सेवाओं का कुल मौद्रिक मूल्य + विदेशों से प्राप्त शुद्ध आय

4. विभिन्न देशों या राज्यों की तुलना (Comparing Countries & States)

विभिन्न देशों की आर्थिक तुलना करने के लिए विश्व बैंक और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं मुख्य रूप से प्रति व्यक्ति आय को एक प्राथमिक मापदंड के रूप में उपयोग करती हैं:

(क) औसत आय या प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income)

जब किसी देश की कुल राष्ट्रीय आय को उसकी कुल जनसंख्या से भाग दिया जाता है, तो प्राप्त होने वाली राशि को औसत आय या प्रति व्यक्ति आय कहते हैं।

·         अंतरराष्ट्रीय मापन: देशों के बीच तुलना को निष्पक्ष बनाने के लिए प्रति व्यक्ति आय को हमेशा अमेरिकी डॉलर ($) में मापा जाता है।

·         भारतीय स्थिति (2019 के अनुसार): भारत 'मध्यम आय वर्ग' के देशों में आता है क्योंकि इसकी प्रति व्यक्ति आय 2019 में केवल 6700 अमेरिकी डॉलर प्रति वर्ष थी।

(ख) विकसित बनाम विकासशील देश (Developed vs Developing Countries)


मापदंड

विकसित देश

(जैसे: अमेरिका, जापान, स्विट्जरलैंड)

विकासशील देश

(जैसे: भारत, ब्राजील)

संसाधनों का उपयोग

उपलब्ध प्राकृतिक और मानवीय संसाधनों का पूर्ण, इष्टतम और सर्वोत्तम उपयोग कर चुके होते हैं।

संसाधनों का अभी विकास हो रहा है और वे पूर्ण दोहन से काफी पीछे हैं।

तकनीक एवं उद्योग

उच्च तकनीक (High-tech) और पूरी तरह से विकसित एवं सुदृढ़ औद्योगिक अवसंरचना।

औद्योगिक रूप से पिछड़े या अभी विकास की प्रारंभिक/मध्यम प्रक्रिया में शामिल।

नागरिक जीवन स्तर

उच्चतम स्वास्थ्य सेवाएं, उच्च शिक्षा की उपलब्धता और बहुत बेहतरीन जीवन स्तर।

नागरिकों का जीवन स्तर सामान्य, विकासशील या निम्न-मध्यम होता है।

प्रति व्यक्ति आय

अत्यंत उच्च प्रति व्यक्ति आय पाई जाती है।

अपेक्षाकृत कम या मध्यम स्तर की प्रति व्यक्ति आय होती है।

रोजगार संरचना

अधिकांश कार्यशील जनसंख्या द्वितीयक (विनिर्माण) और तृतीयक (सेवा) क्षेत्रों में कार्यरत होती है।

अधिकांश जनसंख्या आज भी प्राथमिक क्षेत्र (कृषि और कृषि संबद्ध गतिविधियों) पर निर्भर है।


5. विकास के अन्य महत्वपूर्ण सामाजिक मापदंड

विकास को केवल आय के आधार पर नहीं आंका जा सकता। निम्नलिखित सामाजिक संकेतक भी विकास की वास्तविक स्थिति को दर्शाते हैं:

1.    शिशु मृत्यु दर (Infant Mortality Rate - IMR): किसी वर्ष विशेष में पैदा हुए 1000 जीवित बच्चों में से 1 वर्ष की आयु पूर्ण करने से पहले मृत्यु को प्राप्त होने वाले बच्चों के अनुपात को शिशु मृत्यु दर कहते हैं। यह देश की स्वास्थ्य सेवाओं की बुनियादी गुणवत्ता को दर्शाती है।

2.    साक्षरता दर (Literacy Rate): 7 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों में साक्षर (जो किसी एक भाषा को पढ़, समझ और लिख सकते हैं) जनसंख्या के अनुपात को साक्षरता दर कहा जाता है।

3.    निवल उपस्थिति अनुपात (Net Attendance Ratio): 14 और 15 वर्ष की आयु के स्कूल जाने वाले कुल बच्चों का, उस आयु वर्ग के कुल बच्चों के साथ प्रतिशत अनुपात।

4.    जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy): जन्म के समय किसी नवजात शिशु के संभावित जीवित रहने के औसत वर्षों की संख्या को जीवन प्रत्याशा कहते हैं। यह देश की पोषण स्थिति और स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रत्यक्ष सूचक है।

6. मानव विकास सूचकांक (Human Development Index - HDI)

मानव विकास सूचकांक (HDI) विभिन्न देशों में समग्र विकास के स्तर का मूल्यांकन करने का एक बहुत ही व्यापक मापदंड है।

·         कौन जारी करता है? इसे प्रतिवर्ष यूएनडीपी (UNDP - United Nations Development Program / संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम) द्वारा अपनी वार्षिक रिपोर्ट में जारी किया जाता है।

·         भारतीय रैंकिंग: वर्ष 2023 के मानव विकास सूचकांक (HDI) में भारत का स्थान विश्व भर में 132वां था, जो यह दर्शाता है कि भारत को अभी शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में और अधिक निवेश करने की आवश्यकता है।

विश्व बैंक और UNDP के विकास मापदंडों में बुनियादी अंतर:

विश्व बैंक का मापदंड

UNDP (मानव विकास रिपोर्ट) का मापदंड

यह मुख्य रूप से केवल प्रति व्यक्ति आय (औसत आय) को ही विकास की तुलना का एकमात्र आधार मानता है।

यह प्रति व्यक्ति आय के साथ-साथ शिक्षा (साक्षरता) और स्वास्थ्य (जीवन प्रत्याशा) को भी बराबर का आधार मानता है।

यह विकास का एक संकुचित (Narrow) और केवल शुद्ध आर्थिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।

यह विकास का एक बहुत व्यापक (Broad) और वास्तविक मानवीय दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।

यह यह नहीं प्रदर्शित करता कि आय का वितरण देश के नागरिकों में समान रूप से है या नहीं।

यह नागरिकों के जीवन की वास्तविक गुणवत्ता, स्वास्थ्य और कल्याण का सही मूल्यांकन करता है।

7. शरीर द्रव्यमान सूचकांक (Body Mass Index - BMI)

बी.एम.आई. (BMI)-  किसी व्यक्ति के पोषण स्तर (Nutritional Status) को मापने का एक वैज्ञानिक पैमाना है। यह विशेष रूप से वयस्कों के स्वास्थ्य और कुपोषण की स्थिति को जांचने में काम आता है।

गणना की विधि (Formula):

बी.एम.आई. के वैश्विक मानक (Standards):

·         यदि किसी व्यक्ति का BMI 18.5 से कम है, तो वह अल्प-पोषित (कुपोषित) माना जाता है।

·         यदि किसी व्यक्ति का BMI 18.5 से 25 के बीच है, तो उसका पोषण स्तर बिल्कुल स्वस्थ / सामान्य माना जाता है।

·         यदि किसी व्यक्ति का BMI 25 से अधिक है, तो वह अति-पोषित (Overweight / मोटापे का शिकार) माना जाता है।

8. विकास की धारणीयता या सतत विकास (Sustainability of Development)

प्राकृतिक संसाधन असीमित नहीं हैं। यदि हम आज विकास की अंधी दौड़ में पर्यावरण और संसाधनों का विनाश करेंगे, तो हमारा भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।

सतत विकास की परिभाषा:

"पर्यावरण को बिना किसी प्रकार की हानि पहुंचाए किया जाने वाला ऐसा विकास, जो न केवल वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं को पूरा करे, बल्कि भावी (भविष्य की) पीढ़ी के लिए भी संसाधनों को सुरक्षित रखे, सतत विकास या विकास की धारणीयता कहलाता है।"


नवीकरणीय बनाम गैर-नवीकरणीय संसाधन:

मापदंड

नवीकरणीय संसाधन (Renewable Resources)

गैर-नवीकरणीय संसाधन (Non-Renewable Resources)

मूल अर्थ

ऐसे संसाधन जिनकी प्रकृति द्वारा स्वतः और प्राकृतिक चक्रों के माध्यम से पुनः पूर्ति होती रहती है।

ऐसे संसाधन जिनका कुल भंडार सीमित है और एक बार पूरी तरह समाप्त होने पर दोबारा नहीं बनाया जा सकता।

प्रमुख उदाहरण

सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जल विद्युत, वन, मिट्टी।

कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, विभिन्न धातुएं और खनिज तेल।

पर्यावरणीय प्रभाव

ये पर्यावरण के अनुकूल होते हैं और प्रदूषण नहीं फैलाते हैं।

इनके दहन और अनियंत्रित उपयोग से भारी मात्रा में प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग होती है।

उपयोग की नीति

इनका अधिकतम और निरंतर उपयोग किया जा सकता है।

इनका अत्यंत विवेकपूर्ण और सीमित उपयोग करना चाहिए ताकि ये भविष्य के लिए बचे रहें।


महत्वपूर्ण चेतावनी (भूमिगत जल का उदाहरण): भूमिगत जल एक नवीकरणीय संसाधन अवश्य है, लेकिन यदि हम वर्षा के जल के संचयन (Recharge) की दर से अधिक तेजी से भूमिगत जल का नलकूपों द्वारा दोहन करेंगे, तो यह भी समाप्त हो जाएगा। इसे 'संसाधनों का अति-उपयोग' कहा जाता है।

महत्वपूर्ण परीक्षा-केंद्रित प्रश्नोत्तरी


भाग 1: बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

प्रश्न 1. सामान्यतः किसी देश का विकास किस आधार पर निर्धारित किया जा सकता है?

(क) प्रति व्यक्ति आय              (ख) औसत साक्षरता दर

(ग) लोगों की स्वास्थ्य स्थिति  (घ) उपरोक्त सभी

प्रश्न 2. मानव विकास के लिहाज से भारत के किस पड़ोसी देश की स्थिति भारत से बेहतर है?

(क) बांग्लादेश                           (ख) श्रीलंका

(ग) नेपाल                                 (घ) पाकिस्तान

प्रश्न 3. मान लीजिए एक देश में 4 परिवार हैं। इन परिवारों की प्रति व्यक्ति आय ₹ 5000 है। यदि तीन परिवारों की आय क्रमशः ₹ 4000, ₹ 7000 और ₹ 3000 है, तो चौथे परिवार की आय क्या होगी?

(क) ₹ 7500                              (ख) ₹ 3000

(ग) ₹ 2000                              (घ) ₹ 6000

प्रश्न 4. योजना आयोग (नीति आयोग) के पदेन अध्यक्ष कौन होते हैं?

(क) राष्ट्रपति                            (ख) प्रधानमंत्री

(ग) वित्त मंत्री                         (घ) योजना मंत्री

प्रश्न 5. भारत के किस राज्य में साक्षरता दर सबसे अधिक है?

(क) बिहार                                (ख) केरल

(ग) उत्तर प्रदेश                                    (घ) पंजाब

प्रश्न 6. निम्न में से कौन-सा संसाधन गैर-नवीकरणीय संसाधन का प्रमुख उदाहरण है?

(क) पवन ऊर्जा                         (ख) सौर ऊर्जा

(ग) खनिज तेल (पेट्रोलियम)     (घ) वन

उत्तर: 1- (घ) उपरोक्त सभी     उत्तर: 2- (ख) श्रीलंका

उत्तर: 3- (घ) ₹ 6000              उत्तर: 4- (ख) प्रधानमंत्री

उत्तर: 5- (ख) केरल                 उत्तर: 6- (ग) खनिज तेल

भाग 2: अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1. जीवन प्रत्याशा से क्या अभिप्राय है?

उत्तर: जीवन प्रत्याशा से तात्पर्य जन्म के समय किसी व्यक्ति के औसत रूप से जीवित रहने की संभावित अवधि (वर्षों में) से है। यह देश की स्वास्थ्य और पोषण स्थिति का मापन करती है।

प्रश्न 2. जीडीपी (GDP) का पूरा नाम क्या है और इसका क्या अर्थ है?

उत्तर: GDP का पूरा नाम सकल घरेलू उत्पाद (Gross Domestic Product) है। इसका अर्थ किसी देश की भौगोलिक सीमा के भीतर एक वर्ष में उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं के कुल मौद्रिक मूल्य से है।

प्रश्न 3. विकास की धारणीयता (सस्टेनेबिलिटी) क्या है?

उत्तर: प्राकृतिक वातावरण को बिना कोई क्षति पहुंचाए इस प्रकार आर्थिक विकास करना कि वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताएं पूरी होने के साथ-साथ भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी संसाधन बचे रहें, विकास की धारणीयता कहलाता है।

प्रश्न 4. शिशु मृत्यु दर (IMR) क्या दर्शाती है?

उत्तर: यह प्रति 1000 जीवित पैदा हुए बच्चों में से 1 वर्ष की आयु से पूर्व मृत्यु को प्राप्त होने वाले बच्चों की कुल संख्या को दर्शाती है। यह प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता का प्रमुख सूचक है।

भाग 3: लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)

प्रश्न 1. "विकास के लक्ष्य भिन्न-भिन्न और कभी-कभी परस्पर विरोधी होते हैं।" इस कथन को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: यह बिल्कुल सत्य है कि विभिन्न लोगों के लिए विकास के लक्ष्य न केवल भिन्न होते हैं, बल्कि कई बार वे आपस में टकराते भी हैं।

उदाहरण: नदी पर बांध बनाना।

1.    उद्योगपतियों और शहरी निवासियों के दृष्टिकोण से: यह विकास है क्योंकि इससे निरंतर बिजली की आपूर्ति, फैक्ट्रियों के लिए प्रचुर ऊर्जा और पानी मिलता है।

2.    स्थानीय किसानों और आदिवासियों के दृष्टिकोण से: यह विनाश है क्योंकि बांध बनने के कारण उनकी कृषि भूमि जलमग्न हो जाती है, वे बेघर हो जाते हैं और उन्हें अपनी जड़ों से उखड़ना पड़ता है। इस प्रकार, जो एक वर्ग के लिए विकास है, वह दूसरे के लिए विनाश बन जाता है।

 

प्रश्न 2. आय के अतिरिक्त वे कौन-से अन्य गैर-आर्थिक कारक हैं जो हमारे जीवन को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक हैं?

उत्तर: यद्यपि धन (आय) हमारे जीवन की भौतिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन एक सम्मानजनक और गरिमापूर्ण जीवन जीने के लिए आय के अतिरिक्त निम्नलिखित गैर-आर्थिक कारक भी आवश्यक हैं:

1.    स्वतंत्रता और समानता: प्रत्येक नागरिक चाहता है कि समाज में उसके साथ समानता का व्यवहार हो और जाति, लिंग या धर्म के आधार पर भेदभाव न हो।

2.    सुरक्षा: कार्यस्थल और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं तथा सभी नागरिकों के लिए सुरक्षित वातावरण होना आवश्यक है।

3.    आदर-सम्मान: समाज में आत्मसम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा का होना व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण के लिए जरूरी है।

4.    प्रदूषण मुक्त वातावरण: स्वच्छ हवा और शुद्ध पेयजल अच्छे स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य है, जिसे केवल व्यक्तिगत पैसे से नहीं खरीदा जा सकता।

 

भाग 4: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions)

प्रश्न 1. विकास मापने के विश्व बैंक और यूएनडीपी (UNDP) के मापदंडों में क्या बुनियादी अंतर है? विस्तारपूर्वक समझाइए।

उत्तर: विकास को मापने के लिए विश्व बैंक और यूएनडीपी दो पूरी तरह से अलग-अलग दृष्टिकोण अपनाते हैं, जिनका विस्तृत अंतर निम्नलिखित है:

 

1. विश्व बैंक का मापदंड (केवल आर्थिक दृष्टिकोण):

·         विश्व बैंक विभिन्न देशों का वर्गीकरण करने के लिए केवल प्रति व्यक्ति आय (औसत आय) को ही मुख्य मापदंड मानता है।

·         यह मानता है कि जिन देशों के पास अधिक पैसा है, वे अधिक विकसित हैं और जिनकी आय कम है, वे कम विकसित हैं।

·         कमियां: यह मापदंड देश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, साक्षरता दर और जीवन स्तर जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक संकेतकों की पूरी तरह उपेक्षा करता है।

2. यूएनडीपी (UNDP) का मापदंड (मानव विकास रिपोर्ट):

·         यूएनडीपी विकास को केवल मौद्रिक मूल्य से नहीं मापता। यह प्रति व्यक्ति आय के साथ-साथ दो अन्य सामाजिक संकेतकों को भी समान महत्व देता है:

स्वास्थ्य स्तर: (जीवन प्रत्याशा)

शैक्षिक स्तर: (साक्षरता दर और स्कूल में उपस्थिति दर)

·         यह मापदंड दर्शाता है कि लोगों का वास्तविक कल्याण केवल धन से नहीं बल्कि उनके स्वास्थ्य और ज्ञान के स्तर से निर्धारित होता है।

उदाहरण: यद्यपि हरियाणा की प्रति व्यक्ति आय केरल से अधिक है, लेकिन केरल का साक्षरता स्तर और स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होने के कारण केरल का मानव विकास सूचकांक (HDI) हरियाणा से बहुत ऊंचा है।

निष्कर्ष: यूएनडीपी का मापदंड अधिक न्यायसंगत, मानवीय और वैज्ञानिक माना जाता है क्योंकि यह मानव विकास के सभी पक्षों का समग्र मूल्यांकन करता है।

 

— बोर्ड परीक्षा के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं! —

इकाई 1: विकास (वस्तुनिष्ठ प्रश्न)

1.    विकास का अर्थ क्या है    (म. प्र. 2025 पूरक)

      (क) अच्छे कपड़े                

      (ख) अच्छा भोजन

      (ग) अच्छा जीवन स्तर और आय

      (घ) अशिक्षा

2.    सामान्यतः किसी देश का विकास किस आधार पर निर्धारित किया जा सकता है -(प्रश्न बैंक)

      (क) प्रतिव्यक्ति आय         

      (ख) औसत साक्षरता स्तर

      (ग) लोगों की स्वास्थ्य स्थिति

      (घ) उपर्युक्त सभी

   

3.    निम्नलिखित पड़ोसी देशों में से मानव विकास के लिहाज़ से किस देश की स्थिति भारत से बेहतर है (प्रश्न बैंक)

      (क) बांग्लादेश                     (ख) श्रीलंका

      (ग) नेपाल                           (घ) पाकिस्तान

4.    एच.डी.आई. (HDI) का मतलब क्या है (प्रश्न बैंक)

अथवा

      H.D.I. का अर्थ है - (म. प्र. 2025)

      (क) मानव विकास सूचकांक           (ख) मानव विकास

      (ग) मानव वृद्धि                   घ) मानव आय

   

5.    मानव विकास में भारत में किस राज्य की स्थिति बेहतर है - (प्रश्न बैंक)

      (क) म. प्र.                          (ख) उ. प्र.

      (ग) बिहार                           (घ) केरल

   

6.    निम्न में मानव विकास में कौन-सा राज्य अधिकांशतः निम्न (निचले) स्तर पर रहता है

      (क) गोवा                            (ख) केरल

      (ग) आंध्रप्रदेश                     (घ) उड़ीसा

7.    मानव विकास रिपोर्ट को जारी करने वाला देश का पहला राज्य कौन-सा है - (प्रश्न बैंक)

      (क) म. प्र.                          (ख) उ. प्र.

      (ग) आंध्रप्रदेश                     (घ) उड़ीसा

   

8.    म. प्र. के किस जिले ने सबसे पहले मानव विकास की रिपोर्ट जारी की थी - (प्रश्न बैंक)

      (क) इन्दौर                          (ख) भोपाल

      (ग) राजगढ़                         (घ) जबलपुर

   

1- उ (ग)  2- (घ)    3. (ख) 4.(क) 5. (घ) 6. (घ) 7. (क) 8. (ग)

 

प्रश्न - रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए —

1.      ................... संगठन मानव विकास रिपोर्ट प्रकाशित करता है।

2.      औसत आय को ........... आय भी कहा जाता है।

3.      मानव विकास रिपोर्ट 2006 के अनुसार पड़ोसी देश ................... की आय सबसे अधिक है।

4.      ........... देश की कुल आय को उसकी कुल जनसंख्या से भाग देने पर प्राप्त होती है।

5.      भारत में सर्वाधिक साक्षरता वाला राज्य ............ है।

6.      भारत के केरल राज्य में शिशु मृत्यु दर ................... है।

7.      देश में महिलाओं की तुलना में पुरुष साक्षरता ............ होती है।

उत्तर- 1- यू.एन.डी.पी., 2- प्रतिव्यक्ति, 3- श्रीलंका, 4- प्रतिव्यक्ति आय, 5- केरल, 6- निम्नतम, 7- अधिक

प्रश्न - सही जोड़ियाँ बनाइए —

(अ)

(ब)

1. उच्चतम प्रति व्यक्ति आय

(क) पोषक स्तर की गणना

2. अक्षय संसाधन

(ख) हरियाणा

3. औसत आय

(ग) भूजल (प्रश्न बैंक)

4. बी.एम.आई.

(घ) मानव विकास रिपोर्ट

5. यू.एन.डी.पी.

(ड) प्रति व्यक्ति आय

6. शिशु मृत्युदर कम निम्नतम

(च) केरल

 

उत्तर — 1. - (ख), 2. - (ग), 3. - (ड), 4. - (क), 5. - (घ), 6. - (च)।

प्रश्न - सत्य/असत्य का चयन कीजिए —

1.   विकास का अर्थ सभी लोगों के लिए एक ही होता है।

2.      भूमिहीन ग्रामीण मजदूरों के लिए बेहतर मजदूरी विकास का लक्ष्य हो सकता है।

3.      साक्षरता दर चौदह वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में साक्षर जनसंख्या का अनुपात होता है।

4.      एच.डी.आई. में तीन घटक होते हैं।

5.      हरियाणा राज्य की प्रतिव्यक्ति आय सबसे अधिक है। (म. प्र. 2023)

उत्तर – 1. असत्य, 2. सत्य, 3. असत्य, 4. सत्य, 5. सत्य

प्रश्न - एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए —

1.      ऐसी प्रक्रिया जिससे लोगों के आर्थिक जीवन में सुधार हो तथा उनका जीवन स्तर ऊँचा हो, क्या कहलाता है?

2.      एक देश के विकास को सामान्यतः किसके द्वारा सुनिश्चित किया जाता है? (प्रश्न बैंक)

3.      जीवन प्रत्याशा का क्या अर्थ है? (प्रश्न बैंक)

4.      मानव विकास सूचकांक कौन-सी संस्था जारी करती है? (म. प्र. 2024)

5.      कच्चा तेल किस प्रकार का साधन है?

6.      कोई ऐसा कारक लिखिए जिस पर हमारा जीवन निर्भर करता है।(प्रश्न बैंक)

7.      बी.एम.आई. का फुल फॉर्म लिखिए। (प्रश्न बैंक)

Ans- 1- विकास, 2- प्रति व्यक्ति आय, 3- जन्म के समय व्यक्ति के जीवन की औसत संभावित आयु, 4- संयुक्त राष्ट्र विकास परिषद् (U.N.D.P.), 5- गैर-नवीकरणीय साधन, 6- रोजगार, 7- बॉडी मास इंडेक्स

 

प्रश्न - आर्थिक विकास किस पर निर्भर करता है?

उत्तर - आर्थिक विकास प्राकृतिक संसाधन, मानव संसाधन एवं औद्योगिक उत्पादन पर निर्भर करता है।

प्रश्न - आर्थिक विकास की आवश्यकता एवं महत्व लिखिए। (कोई दो)

उत्तर - (1) आर्थिक विकास की प्रक्रिया के फलस्वरूप अर्थव्यवस्था को अनेक आर्थिक लाभ होते हैं जैसे - राष्ट्रीय उत्पादन में वृद्धि, पूँजी निर्माण, उत्पत्ति के साधनों का न्यायपूर्ण एवं सर्वोपयुक्त वितरण आदि।

(2) आर्थिक विकास का मुख्य लक्ष्य होता है, आर्थिक विषमता को समाप्त करना। इस प्रकार, आर्थिक विकास से धन का वितरण समान व न्यायपूर्ण ढंग से सम्भव हो पाता है।

प्रश्न - विकसित तथा अविकसित देशों में अंतर स्पष्ट कीजिए। (कोई दो)

उत्तर - विकसित तथा अविकसित देशों में अंतर:

विकसित देश

अविकसित देश

1. इन देशों की प्रति व्यक्ति आय अधिक होती है।

1. इन देशों की प्रति व्यक्ति आय कम होती है।

2. लोगों का जीवन-स्तर ऊँचा होता है।

2. लोगों का जीवन-स्तर नीचा होता है।

उदा. - अमेरिका, इंग्लैण्ड, जापान आदि।

उदा. - अफगानिस्तान, नेपाल, पाकिस्तान आदि।

 

प्रश्न - आपके गाँव या शहर या स्थानीय इलाके के विकास के लक्ष्य क्या होने चाहिए? (कोई दो)

उत्तर - 1. हमारे क्षेत्र में अच्छी सड़कें, साफ-सुथरी गलियाँ तथा चिकित्सा सेवाओं की अच्छी सुविधा होनी चाहिए।

2. हमारे क्षेत्र में स्वच्छ एवं साफ पानी की उत्तम व्यवस्था एवं रोजगार के पर्याप्त साधन होने चाहिए।

प्रश्न - धारणीयता का विषय विकास के लिए क्यों महत्त्वपूर्ण है?

उत्तर - धारणीयता का विषय विकास के लिए निम्न कारणों से महत्वपूर्ण है –

(i) यह भावी पीढ़ियों की जरूरतों का ख्याल रखता है एवं यह प्राकृतिक संसाधनों के कुशल प्रयोग को बढ़ावा देता है। (ii) यह जीवन की गुणवत्ता पर जोर देता है और लम्बी अवधि के समाधान प्रदान करता है।

प्रश्न - मानव विकास से क्या तात्पर्य है?

उत्तर - मानव विकास से तात्पर्य है एक व्यक्ति का इस प्रकार से विकास किया जाए कि वह अपनी प्रतिभा के अनुसार सृजनात्मक जीवन बिता सके।

प्रश्न - मानव विकास रिपोर्ट विभिन्न देशों की तुलना किस आधार पर करती है?

उत्तर -मानव विकास रिपोर्ट देशों की तुलना लोगों के शैक्षिक स्तर, उनकी स्वास्थ्य स्थिति, जीवन प्रत्याशा और प्रति व्यक्ति आय के आधार पर करती है।

प्रश्न - मानव विकास में स्वास्थ्य की क्या भूमिका है?

उत्तर - मानव विकास में स्वास्थ्य की महत्वपूर्ण भूमिका है। स्वास्थ्य से अभिप्राय केवल जीवित रहना या रोगों का निवारण करना ही नहीं है, बल्कि जनसंख्या नियंत्रण, परिवार कल्याण तथा नशीले पदार्थों पर रोक लगाने आदि पक्षों पर भी ध्यान देना है। स्वस्थ मानव संसाधन देश के सामाजिक तथा आर्थिक विकास में सक्रिय योगदान देकर देश को विकसित देशों की श्रेणी में ला सकते हैं।

प्रश्न - मानव विकास सूचकांक का क्या महत्व है? (कोई दो)

उत्तर -(i) मानव विकास सूचकांक देश के विकास के स्तर को मापने के लिए प्रयुक्त होता है।

(ii) यह एक व्यापक पद्धति है जो जीवन में मदद करने के लिए ज्ञान, अनुभव और संसाधनों को जोड़ता है।

प्रश्न - शरीर द्रव्यमान सूचकांक (B.M.I.) क्या होता है?

उत्तर - यह हमारे शरीर के पोषण स्तर को नापने का तरीका होता है। इसकी गणना के लिए पहले व्यक्ति के कुल भार को किलोग्राम में तौला जाता है फिर उसकी ऊँचाई को सेंटीमीटर में नापते हैं। फिर भार को ऊँचाई के वर्ग से भाग देने पर हमें शरीर द्रव्यमान सूचकांक (B.M.I.) प्राप्त हो जाता है।

प्रश्न - राष्ट्रीय आय क्या है?

उत्तर - किसी देश के श्रम एवं पूँजी उसके प्राकृतिक साधनों के साथ मिलकर एक वर्ष में जिन वस्तुओं और सेवाओं का शुद्ध वास्तविक उत्पादन करते हैं, उनके मौद्रिक मूल्य को राष्ट्रीय आय कहा जाता है। राष्ट्रीय आय देश में एक वर्ष में उत्पादित वस्तुओं तथा सेवाओं के मौद्रिक मूल्य को जोड़ कर ज्ञात की जाती है।

प्रश्न - औसत आय या प्रति व्यक्ति आय क्या है?

उत्तर -वह आय जिसे देश की कुल आय को कुल जनसंख्या से भाग देकर निकाला जाता है, उसे औसत आय या प्रति व्यक्ति आय कहते हैं।

प्रश्न - सार्वजनिक वितरण प्रणाली क्या है?

उत्तर -यह एक प्रणाली है जिसके माध्यम से सरकार राशन की दुकानों द्वारा उचित दामों पर गरीबों को राशन बाँटती है।

प्रश्न - केरल में शिशु मृत्युदर कम होने के क्या कारण हैं?                                                   (म. प्र. 2024 पूरक)

उत्तर - 1. केरल में साक्षरता दर उच्च है और शिक्षित लोग अशिक्षितों की अपेक्षा अपने बच्चों की देखभाल अच्छी तरह से कर सकते हैं।

2. केरल राज्य में अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण भी मृत्यु दर कम है।

प्रश्न - औसत आय विकास का एक महत्वपूर्ण मापदण्ड है। (कोई दो बिन्दु)

उत्तर -(i) औसत आय से हमें यह विचार मिल जाता है कि एक औसत व्यक्ति को कुल राष्ट्रीय आय का कितना भाग मिलता है।

(ii) औसत आय को देशों को अमीर, निर्धन या विकासशील देशों की सूची में श्रेणीबद्ध करने के लिए प्रयुक्त करते हैं।

प्रश्न - प्रति व्यक्ति आय के माप के अतिरिक्त, आय के कौन से अन्य लक्षण हैं जो दो या दो से अधिक देशों की तुलना के लिए महत्व रखते हैं?

उत्तर -प्रति व्यक्ति आय के माप के अतिरिक्त कुल आय तथा स्वास्थ्य सम्बन्धी या मानवीय आवश्यकताओं की सभी वस्तुओं का अधिक होना, जो भी लोगों को पसंद है और जो उनके पास होना चाहिए आदि आय के अन्य लक्षण हैं, जो दो या दो से अधिक देशों की तुलना के लिए महत्व रखते हैं।

प्रश्न - पर्यावरण में गिरावट के कुछ ऐसे उदाहरणों की सूची बनाइए जो आपने अपने आसपास देखे हों।

उत्तर -कोयले एवं खनिज तेल को जलाना, वनों की कटाई, अनावश्यक गाड़ियों द्वारा प्रदूषण, वाहनों द्वारा ध्वनि प्रदूषण, उर्वरकों तथा कीटनाशकों का उपयोग पर्यावरण में गिरावट के कुछ ऐसे उदाहरण हैं, जो हमने अपने आस-पास देखे हैं।

   

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