भारतीय अर्थव्यवस्था की जटिलताओं को समझने के लिए आर्थिक गतिविधियों का
वैज्ञानिक वर्गीकरण अनिवार्य है। जो निम्न है -
1. प्राथमिक क्षेत्रक (Primary Sector): जब हम प्राकृतिक संसाधनों का प्रत्यक्ष उपयोग
करके किसी वस्तु का उत्पादन करते हैं, तो वह प्राथमिक क्षेत्रक क्षेत्रक में आती है।
·
चूँकि इस क्षेत्रक के अधिकांश उत्पाद कृषि, डेयरी, मत्स्य पालन और वनों से प्राप्त होते हैं, इसलिए इसे 'कृषि एवं सहायक क्षेत्रक' भी कहा जाता है।
·
उदाहरण:
कपास की खेती: यह प्राकृतिक कारकों जैसे वर्षा, सूर्य का प्रकाश और जलवायु पर निर्भर है।
डेयरी: इसमें पशुओं की जैविक प्रक्रिया और चारे की
उपलब्धता प्राथमिक कारक हैं।
2. द्वितीयक क्षेत्रक (Secondary Sector): इस क्षेत्रक में प्राकृतिक उत्पादों को
विनिर्माण (Manufacturing)
प्रणाली के माध्यम से
अन्य रूपों में परिवर्तित किया जाता है। यह 'औद्योगिक'
गतिविधियों का केंद्र
है।
इसे 'औद्योगिक क्षेत्रक' भी कहा जाता है क्योंकि यह विभिन्न प्रकार के
उद्योगों से जुड़ा है।
उदाहरण:
1.
गन्ने से चीनी और गुड़ का निर्माण।
2.
मिट्टी से ईंटें बनाना और उनसे भवनों का निर्माण।
3. तृतीयक क्षेत्रक (Tertiary Sector): यह क्षेत्रक वस्तुओं का उत्पादन नहीं करता, बल्कि प्राथमिक और द्वितीयक क्षेत्रक की
उत्पादन प्रक्रिया में सहायता और सेवाओं का सृजन करता है।
·
इसे
'सेवा क्षेत्रक' कहा जाता है। इसमें सूचना प्रौद्योगिकी (IT), बैंकिंग और व्यक्तिगत सेवाएँ (शिक्षक, डॉक्टर) शामिल हैं।
·
उदाहरण:
परिवहन (ट्रक, ट्रेन), भंडारण (गोदाम),
संचार और सॉफ्टवेयर
कंपनियाँ।
·
क्षेत्रकों की परस्पर निर्भरता: ये तीनों क्षेत्रक एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं। यदि परिवहन (तृतीयक) के
साधन हड़ताल पर चले जाएं,
तो किसान (प्राथमिक)
अपनी फसल बाजार तक नहीं पहुँचा पाएंगे और कारखाने (द्वितीयक) कच्चे माल के अभाव
में बंद हो जाएंगे। अतः,
एक क्षेत्रक का विकास
अन्य दो की कुशलता पर निर्भर करता है।
2. सकल मूल्य वर्धित (GVA)
और
सकल घरेलू उत्पाद (GDP)
अर्थव्यवस्था की माप के लिए वैश्विक प्रथाओं के अनुरूप अब भारत में भी
महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
·
सकल मूल्य वर्धित (GVA): स्रोत के अनुसार,
अब सरकार करों और
सब्सिडी के समायोजन के बाद उत्पादन के स्तर को मापने के लिए 'सकल मूल्य वर्धित' (GVA) का उपयोग करती है। यह प्रत्येक क्षेत्रक
द्वारा अर्थव्यवस्था में जोड़े गए वास्तविक मूल्य को दर्शाता है।
·
सकल घरेलू उत्पाद (GDP): किसी विशेष वर्ष में देश के भीतर उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य का योग GDP कहलाता है।
·
अंतिम वस्तुएं बनाम मध्यवर्ती वस्तुएं: गणना में केवल अंतिम वस्तुओं (जैसे बिस्कुट)
का मूल्य शामिल किया जाता है। मध्यवर्ती वस्तुओं (जैसे गेहूं, आटा, चीनी) का मूल्य अंतिम वस्तु में पहले से शामिल होता है। यदि इनका अलग से
योग किया जाए,
तो इसे 'दोहरी गणना' (Double Counting) कहते हैं, जो गलत आंकड़े प्रस्तुत करती है।
·
गणना की जिम्मेदारी: भारत में यह विशाल कार्य सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के अंतर्गत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के
सहयोग से किया जाता है।
3. भारत में क्षेत्रकों का बदलता महत्व और रुझान
1.
ऐतिहासिक परिवर्तन: विकसित देशों का इतिहास बताता है कि विकास की शुरुआती अवस्था में प्राथमिक
क्षेत्रक सबसे महत्वपूर्ण था, जो धीरे-धीरे द्वितीयक और फिर तृतीयक की ओर स्थानांतरित हुआ।
2.
तृतीयक क्षेत्रक की वृद्धि के 4 प्रमुख कारण:
3.
बुनियादी सेवाएँ: अस्पताल,
शिक्षा, रक्षा और डाक जैसी सेवाओं की जिम्मेदारी सरकार
उठाती है।
4.
कृषि और उद्योग का विकास: प्राथमिक और द्वितीयक क्षेत्र के विकास से परिवहन और व्यापार जैसी सेवाओं
की मांग बढ़ी।
5.
आय स्तर में वृद्धि: जैसे-जैसे लोगों की आय बढ़ी, उन्होंने रेस्तरां,
पर्यटन और निजी
अस्पतालों जैसी सेवाओं की मांग शुरू कर दी।
6.
IT क्रांति:
सूचना और संचार
प्रौद्योगिकी पर आधारित सेवाएँ अब अनिवार्य और अपरिहार्य हो गई हैं।
7.
रोजगार बनाम उत्पादन का बेमेलपन: भारत में सेवा क्षेत्र में उत्पादन 14 गुना बढ़ा है,
लेकिन रोजगार में
वृद्धि
5 गुना से भी कम हुई है। आज भी देश का लगभग आधा श्रम
बल प्राथमिक क्षेत्र (कृषि) में लगा है, जबकि GVA
में इसका योगदान मात्र
छठा हिस्सा है।
4. बेरोजगारी के प्रकार: सूक्ष्म विश्लेषण
·
अल्प बेरोजगारी (Underemployment): जब लोग काम कर रहे हों लेकिन अपनी क्षमता से कम। शहरों में यह प्लंबर, पेंटर और मरम्मत कार्य करने वाले 'अनियत श्रमिकों' (Casual Labour) में अधिक देखी जाती है।
·
प्रच्छन्न बेरोजगारी (Disguised Unemployment): इसे 'छिपी हुई बेरोजगारी'
कहते हैं।
·
उदाहरण:
लक्ष्मी के छोटे खेत पर
5 लोग काम कर रहे हैं, जबकि आवश्यकता केवल 2 की है। यदि 'सुखराम' (एक भूस्वामी) बाकी 3
लोगों को अपने यहाँ काम
पर ले जाए,
तो लक्ष्मी के खेत का
उत्पादन कम नहीं होगा,
लेकिन परिवार की आय बढ़
जाएगी।
·
खुली बेरोजगारी (Open Unemployment): जब व्यक्ति स्पष्ट रूप से बेकार है और उसके
पास कोई काम नहीं है।
6. स्वामित्व के आधार पर वर्गीकरण: सार्वजनिक और
निजी क्षेत्रक
·
सार्वजनिक क्षेत्रक (Public Sector): संपत्तियों पर सरकार का स्वामित्व होता है। इसका उद्देश्य केवल लाभ कमाना नहीं
बल्कि
जनकल्याण (जैसे रेलवे, भारत पेट्रोलियम) है।
·
निजी क्षेत्रक (Private Sector): स्वामित्व
निजी व्यक्तियों या
कंपनियों
(जैसे TATA, RIL) के पास होता है। इनका मुख्य उद्देश्य लाभ कमाना है।
7. रोजगार सृजन और सरकारी पहल
सरकार ने 'काम के अधिकार' को सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं:
·
MGNREGA 2005: ग्रामीण क्षेत्रों में 100 दिन के रोजगार की गारंटी और न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता।
·
Viksit Bharat - G RAM G 2025: वर्ष 2025 में इस नए मिशन ( विकसित भारत - रोजगार गारंटी और आजीविका मिशन ) ने पूर्ववर्ती अधिनियम का स्थान लिया है, जो रोजगार की कानूनी गारंटी को अधिक सुदृढ़
बनाता है।
·
भविष्य की संभावनाएं: नीति आयोग के अनुसार, अकेले शिक्षा क्षेत्र में
20 लाख और पर्यटन क्षेत्र में सुधार करके हर साल 35 लाख से अधिक नए रोजगार सृजित किए जा सकते हैं।
8. महत्वपूर्ण तथ्य और अभ्यास प्रश्न पुनरीक्षण बिंदु
·
प्राथमिक क्षेत्रक को 'कृषि
एवं सहायक क्षेत्रक'
और द्वितीयक को 'औद्योगिक क्षेत्रक' भी कहते हैं।
·
भारत में वर्तमान में GDP/GVA में तृतीयक क्षेत्रक का योगदान सर्वाधिक है।
·
रोजगार के मामले में प्राथमिक क्षेत्रक आज भी भारत का सबसे बड़ा नियोक्ता
है।
·
प्रच्छन्न बेरोजगारी मुख्य रूप से कृषि क्षेत्र में पाई जाती है जहाँ श्रम
प्रयास विभाजित होता है।
·
GVA
करों और सब्सिडी के
समायोजन के बाद उत्पादन को मापने की आधुनिक विधि है।
प्रश्न 1. प्राथमिक
क्षेत्रक में निम्नलिखित में से कौन शामिल होता है?
(क) सिलाई करना (ख) बर्तन बनाना
(ग) खनन (घ) भवन निर्माण
प्रश्न 2. द्वितीयक
क्षेत्रक को अन्य किस नाम से जाना जाता है?
(क) कृषि क्षेत्रक (ख) औद्योगिक क्षेत्रक
(ग) सेवा क्षेत्रक (घ) खनन क्षेत्रक
प्रश्न 3.
निम्नलिखित में से कौन सी गतिविधि तृतीयक क्षेत्र से संबंधित है?
(क) मछली पकड़ना (ख) बैंक सेवा
(ग) कपड़ा बुनना (घ) गन्ने से चीनी बनाना
उ. : 1. (ग) खनन, 2. (ख) औद्योगिक क्षेत्रक, (ख) बैंक सेवा
बहुविकल्पीय
प्रश्न (Multiple Choice Questions)
प्रश्न 1. यदि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई हेतु नए बांधों और नहरों के निर्माण
में निवेश करती है, तो प्राथमिक क्षेत्र पर इसका संभावित प्रभाव
क्या होगा?
(क) कृषि उत्पादन में गिरावट आएगी।
(ख) कृषि क्षेत्र
में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और प्रच्छन्न बेरोजगारी में कमी आएगी।
(ग) द्वितीयक
क्षेत्र के उद्योगों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
(घ) सेवा क्षेत्र
की मांग पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
प्रश्न 2. बिस्कुट बनाने वाली कंपनी द्वारा खरीदी गई चीनी और आटे को 'मध्यवर्ती वस्तु' माना जाता है, क्योंकि:
(क) इनका उपभोग केवल अमीर लोग करते हैं।
(ख) इनका मूल्य
अंतिम वस्तु (बिस्कुट) के मूल्य में पहले से ही शामिल होता है।
(ग) ये वस्तुएं
प्रकृति द्वारा सीधे प्राप्त की जाती हैं।
(घ) इनका
पुनर्विक्रय संभव नहीं है।
प्रश्न 3. लक्ष्मी के पास दो हेक्टेयर असिंचित भूमि है और उसके परिवार के सभी पांच सदस्य
उस पर काम करते हैं, जबकि वहां केवल तीन लोगों की आवश्यकता है। यह
स्थिति क्या कहलाती है?
(क) खुली बेरोजगारी (ख) शिक्षित बेरोजगारी
(ग) प्रच्छन्न या
अल्प बेरोजगारी
(घ) चक्रीय
बेरोजगारी
प्रश्न 5. सकल घरेलू उत्पाद (GDP)
की गणना करते समय केवल 'अंतिम वस्तुओं' के मूल्य को ही क्यों जोड़ा जाता है?
(क) गणना को सरल बनाने के लिए।
(ख) दोहरी गणना की
समस्या से बचने के लिए।
(ग) मध्यवर्ती
वस्तुओं का कोई मूल्य नहीं होता।
(घ) यह सरकार का
आधिकारिक नियम है।
प्रश्न 6. 'औद्योगिक क्षेत्रक' निम्नलिखित में से किस क्षेत्रक का दूसरा नाम
है?
(क) प्राथमिक क्षेत्रक (ख) द्वितीयक
क्षेत्रक
(ग) तृतीयक
क्षेत्रक (घ) सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रक
प्रश्न 7. भारत के सेवा क्षेत्र में उत्पादन में लगभग 14 गुना वृद्धि हुई, लेकिन रोजगार में 5 गुना से भी कम वृद्धि हुई। यह क्या प्रदर्शित करता है?
(क) सेवा क्षेत्र में अत्यधिक रोजगार सृजन हुआ
है।
(ख) सेवा क्षेत्र
में उत्पादन के अनुपात में रोजगार वृद्धि अत्यंत धीमी रही है।
(ग) कृषि क्षेत्र
अब अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्र बन गया है।
(घ) भारत में
औद्योगिक क्रांति विफल हो गई है।
प्रश्न 8. 'न्यूनतम मजदूरी अधिनियम' और 'कारखाना अधिनियम' जैसी वैधानिक व्यवस्थाओं का पालन करना कहाँ अनिवार्य है?
(क) असंगठित क्षेत्रक में (ख) संगठित
क्षेत्रक में
(ग) केवल कृषि
क्षेत्रक में (घ) घरेलू सेवा क्षेत्र में
प्रश्न 9. उस क्षेत्रक को क्या कहते हैं जहाँ परिसंपत्तियों पर सरकार का स्वामित्व होता
है और जिसका मुख्य उद्देश्य लोक-कल्याण होता है?
(क) सार्वजनिक क्षेत्रक (ख) निजी क्षेत्रक
(ग) असंगठित
क्षेत्रक (घ) प्राथमिक क्षेत्रक
प्रश्न 10. वर्तमान समय में कॉल सेंटर, इंटरनेट कैफे और सॉफ्टवेयर कंपनियां किस
क्षेत्रक की अपरिहार्य सेवाएं बन गई हैं?
(क) प्राथमिक (ख) माध्यमिक
(ग) तृतीयक (घ) विनिर्माण ।
बहुविकल्पीय- 1(ख), 2(ख), 3(ग), 4(ख), 5(ख), 6(ख), 7(ख), 8(ख), 9(क), 10(ग)
3. रिक्त स्थानों की पूर्ति (Fill in the Blanks)
1.
आर्थिक समीक्षा 2023-24 के अनुसार, क्षेत्रकों के योगदान को मापने के लिए
_____ (GVA) के आंकड़ों का
उपयोग वैश्विक प्रथाओं के अनुरूप किया गया है।
2.
__________ (पूर्व योजना आयोग) के एक अध्ययन के अनुसार, अकेले शिक्षा
क्षेत्र में लगभग 20 लाख रोजगारों का सृजन किया जा सकता है।
3.
वर्ष 2025 में महात्मा गांधी
राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA)
का स्थान
__________ (VB-GRLM 2025) ने ले लिया है।
4.
जब हम प्राकृतिक
संसाधनों का दोहन करके किसी वस्तु का उत्पादन करते हैं, तो वह __________ क्षेत्रक की गतिविधि है।
5.
__________ वस्तुओं का उपयोग
अंतिम वस्तुओं और सेवाओं के निर्माण में कच्चा माल मानकर किया जाता है।
6.
तृतीयक क्षेत्र की
गतिविधियाँ वस्तुओं के उत्पादन के बजाय
__________ का सृजन करती हैं।
7.
प्राथमिक और
द्वितीयक क्षेत्रक का विकास जितना अधिक होगा,
__________ क्षेत्र की सेवाओं
की मांग उतनी ही अधिक बढ़ेगी।
8.
सार्वजनिक
क्षेत्रक की अधिकांश गतिविधियों का ध्येय केवल लाभ कमाना नहीं, बल्कि __________ सुनिश्चित करना होता है।
Answers -1. सकल मूल्य वर्धित, 2. नीति आयोग, 3. विकसित
भारत-रोजगार गारंटी और आजीविका मिशन 2025,
4. प्राथमिक,
5. मध्यवर्ती, 6. सेवाओं, 7. तृतीयक/सेवा, 8. सामाजिक कल्याण/जन-सुविधाएं
4. सत्य या असत्य (True or False)
1.
कांता को सवैतनिक
अवकाश और चिकित्सा लाभ मिलते हैं, अतः वह संगठित क्षेत्रक की कर्मचारी है।
2.
असंगठित क्षेत्रक
में रोजगार की अवधि नियमित होती है और काम की कानूनी सुरक्षा प्राप्त होती है।
3.
भारत में GDP मापने का कठिन
कार्य केंद्र सरकार के मंत्रालय द्वारा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग
से किया जाता है।
4.
यदि कृषि क्षेत्र
से अतिरिक्त लोगों को हटा दिया जाए और कुल उत्पादन प्रभावित न हो, तो इसे खुली
बेरोजगारी कहते हैं।
5.
द्वितीयक क्षेत्रक
को 'कृषि एवं सहायक क्षेत्रक' के नाम से भी जाना जाता है।
सत्य/असत्य 1.
सत्य,
2. असत्य,
3. सत्य,
4. असत्य (यह प्रच्छन्न है), 5. असत्य,
5. एक शब्द या वाक्य में उत्तर
1.
किसी विशेष वर्ष
में प्रत्येक क्षेत्रक द्वारा उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य
को क्या कहते हैं?
2.
'नीति आयोग' (NITI Aayog) का पूर्ववर्ती नाम
क्या था?
3.
कपास से सूत कातना
और कपड़ा बुनना किस क्षेत्रक की गतिविधि है?
4.
लक्ष्मी के परिवार
में लोग अपनी क्षमता से कम काम कर रहे हैं, इस स्थिति को क्या कहेंगे?
5.
अर्थव्यवस्था के
उस क्षेत्रक का नाम बताइए जो उत्पादन प्रक्रिया में सहयोग देता है, स्वयं वस्तु नहीं
बनाता।
उत्तर - एक शब्द/वाक्य 1 - सकल घरेलू उत्पाद
(GDP), 2 - योजना आयोग।, 3 - द्वितीयक
क्षेत्रक। 4 - प्रच्छन्न बेरोजगारी या अल्प बेरोजगारी, 5 - तृतीयक क्षेत्रक,
6. अति लघु उत्तरीय
प्रश्न (Very Short Answer Type
प्रश्न 1.
"अल्प बेरोजगारी" और "खुली बेरोजगारी" के बीच उदाहरण सहित अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर: अल्प बेरोजगारी में व्यक्ति काम करता दिखता है
लेकिन वह क्षमता से कम उत्पादन करता है (जैसे लक्ष्मी का परिवार)। खुली बेरोजगारी
वह स्थिति है जिसमें व्यक्ति के पास कोई काम नहीं होता और वह पूरी तरह बेकार बैठा
होता है।
प्रश्न 2. तृतीयक क्षेत्रक को 'सेवा क्षेत्रक' क्यों कहा जाता है?
उत्तर: तृतीयक क्षेत्रक
वस्तुओं का उत्पादन स्वयं नहीं करता, बल्कि उत्पादन प्रक्रिया में सहयोग प्रदान करता
है। यह परिवहन, बैंकिंग और संचार जैसी अमूर्त सेवाएं सृजित करता है, इसलिए इसे सेवा
क्षेत्रक कहते हैं।
प्रश्न 3. क्षेत्रकों की परस्पर निर्भरता को 'परिवहन हड़ताल' के उदाहरण से समझाइए।
उत्तर: यदि ट्रक चालक हड़ताल कर दें, तो गांवों से दूध
और सब्जियां (प्राथमिक उत्पाद) शहरों तक नहीं पहुंचेंगी और कारखानों (द्वितीयक) को
कच्चा माल नहीं मिलेगा। इससे सिद्ध होता है कि सभी क्षेत्रक परस्पर निर्भर हैं।
प्रश्न 4. असंगठित क्षेत्रक के श्रमिकों (विशेषकर ग्रामीण
और शहरी) के संरक्षण के दो उपाय सुझाइए।
उत्तर: (1) ग्रामीण क्षेत्रों में लघु और सीमांत किसानों
को समय पर बीज और ऋण उपलब्ध कराना।
(2) शहरी क्षेत्रों में आकस्मिक श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा
लाभ सुनिश्चित करना।
प्रश्न 5. प्राथमिक क्षेत्रक को 'कृषि एवं सहायक क्षेत्रक' क्यों कहा जाता है?
उत्तर: चूंकि हम अधिकांश प्राकृतिक उत्पाद सीधे
प्रकृति से, विशेषकर कृषि, डेयरी, मत्स्यन और वनों से प्राप्त करते हैं, इसलिए प्राथमिक
क्षेत्रक को कृषि एवं सहायक क्षेत्रक भी कहा जाता है।यह खंड अध्याय की वैचारिक
नींव को पूर्ण करेगा।
सत्य या असत्य (True
or False)
6.
सकल मूल्य वर्धित
(GVA) की गणना में करों और सब्सिडी का समायोजन शामिल होता है।
7.
वर्ष 1977-78 में उत्पादन की दृष्टि से तृतीयक क्षेत्र भारत का सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्रक
था।
8.
सार्वजनिक
क्षेत्रक में रेलवे और डाकघर जैसे संस्थान शामिल हैं जिनका स्वामित्व सरकार के पास
है।
6. सत्य,
7. असत्य (प्राथमिक बड़ा था), 8. सत्य
एक शब्द या वाक्य में उत्तर
6.
विकसित भारत -
रोजगार गारंटी और आजीविका मिशन 2025
(VB-GRLM 2025) का मुख्य वैधानिक उद्देश्य
क्या है?
7.
संगठित क्षेत्रक
के अंतर्गत आने वाले किसी एक विशिष्ट अधिनियम का नाम लिखिए।
8.
भारत के किस
क्षेत्रक में आज भी सबसे अधिक लोग (नियोक्ता) कार्यरत हैं?
9.
गन्ने से चीनी
तैयार करना किस आर्थिक क्षेत्रक का उदाहरण है?
10. सेवा क्षेत्रक के उन दो घटकों के नाम लिखिए
जिनमें अत्यंत कुशल और शिक्षित श्रमिकों को ही रोजगार मिलता है।
6 - सक्षम लोगों को 100 दिनों के काम की गारंटी और बेरोजगारी भत्ता देना। ,7 - कारखाना अधिनियम / न्यूनतम मजदूरी अधिनियम।, 8 - प्राथमिक क्षेत्रक (कृषि), 9 - द्वितीयक क्षेत्रक (विनिर्माण, 10 - सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और वित्तीय सेवाएं (बैंकिंग)।
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