February 26, 2021

स्वतंत्रता के महानायक हिंदूत्व पर अडिग " वीर सावरकर जी "

 स्वतंत्रता के महानायक हिंदूत्व पर अडिग " वीर सावरकर जी "

*🙏🏼पुण्यतिथि /26 फरवरी 1966*

🔲 वीर सावरकर जी का जन्म 28 मई, 1883 को नासिक जिले के भागूर ग्राम में हुआ था। उनके पिताजी का नाम दामोदर पन्त सावरकर था और उनकी माताजी का नाम राधाबाई था। वीर सावरकर एक देशभक्त क्रांतिकारी थे और वह हिन्दुत्व के हिमायती थे। उनहोंने अपनी पढाई फर्ग्युसन कॉलेज ,पुणे से पूरी की थी।
🔲 गांधी की हत्या में जिन 8 लोगों पर आरोप लगे, सावरकर जी भी उनमें से एक थे. मगर उन्हें बरी कर दिया गया. भले ही उस समय के आज़ादी के तमाम तथाकथित ठेकेदार अंग्रेजो के साथ बैठ कर चाय नाश्ता कर रहे थे लेकिन ठीक उसी समय महान क्रांतिवीर सावरकर जी पर अंग्रेज अधिकारियोंकी हत्या की कोशिश का भी आरोप लगा था |
🔲 सावरकर जी पर पहली बार हत्या का आरोप 1909 में लगा. मदनलाल ढींगरा ने सर विलियम कर्जन वाइली की लंदन में हत्या कर दी थी. ढींगरा को फांसी हुई. सावरकर जी पर दोष तय नहीं हो पाया. आजादी के बाद प्रकाशित उनकी जीवनी सावरकर एंज हिज टाइम्स में इस बात का खुलासा है कि उन्होंने ढींगरा को ट्रेनिंग दी थी |

🔲 ये भारत के उस शौर्य का प्रदर्शन था जिसमे दुश्मन को उसके घर में घुस कर मारने का दम दिखाया जाता है .. अर्थात सर्जिकल स्ट्राइक जैसा जो उस समय भी हुआ था . उन्हें मिली कालापानी की सजा बेहद ही भयावह सजा थी. वीर सावरकर कोqfgl] कोल्हू में जानवरों की जगह लगाया गया लेकिन इसके बाद भी आज़ादी के नकली ठेकेदार उनके त्याग पर ऊँगली उठाते रहे |
🔲 इस जेल में भी दीवारों पर नाखून से खुरच कर उन्होंने राष्ट्र और धर्म प्रेम की वो कहानी लिखी थी जो आज भी भारत के सच्चे और स्वर्णिम इतिहास में सदा सदा के लिए अमिट है. जिस जेल में वीर सावरकर जी ने यातना झेली उस जेल में कुल 693 कमरे थे |
🔲 सेल बहुत छोटा था और बस छत के पास एक रोशनदान हुआ करता था. जहाँ कैदियों को जंजीरों में जकड़ कर रखना एक सामान्य बात थी .क़ैदियों से नारियल का तेल निकालने जैसे काम करवाए जाते थे और उन्हें बाथरूम जाने के लिए भी इजाज़त लेनी होती थी |*
⚜️🚩 *उनके साथ डॉ. दीवान सिंह, योगेंद्र शुक्ल, भाई परमानंद, सोहन सिंह, वामन राव जोशी और नंद गोपाल जैसे लोग भी इसी जेल में क़ैद रहे थे. हिन्दुओं के सैन्यकरण के प्रबल समर्थक इस वीर योद्धा के हिदुत्व के लिए संदेश था - " 'जहां तक भारत की सुरक्षा का सवाल है, हिंदू समाज को भारत सरकार के युद्ध संबंधी प्रयासों में सहानुभूतिपूर्ण सहयोग की भावना से बेहिचक जुड़ जाना चाहिए जब तक यह हिंदू हितों के फायदे में हो |
🔲 हिंदुओं को बड़ी संख्या में थल सेना, नौसेना और वायुसेना में शामिल होना चाहिए और सभी आयुध, गोला-बारूद, और जंग का सामान बनाने वाले कारखानों वगैरह में प्रवेश करना चाहिए. आज ही के दिन अर्थात 26 फ़रवरी सन 1966 को वीर सावरकर ने 82 वर्ष की आयु में हिन्दुओं को जगाते और राष्ट्र चेतना को जगृत करते हुए अपने प्राण त्याग दिए थे |7
⚜️ आज वीरता की उस अमर गौरवगाथा , राष्ट्र प्रेम और धर्मरक्षक वीर सावरकर जी की पुण्यतिथि पर उनको बारम्बार नमन और वन्दन करते हुए उनकी यशगाथा को अनंत काल तक जन जन को सुनाते रहने का संकल्प लेतें है |*