प्रश्न 1. समान त्रिज्या के दो धात्विक गोलों को, जिनमें से एक ठोस तथा एक खोखला है, समान विभव तक आवेशित किया जाता है। किसमें अधिक आवेश होगा ? कारण दीजिए। Two metallic spheres of equal radius, one solid and the other hollow, are charged to the same potential. Which one will have more charge? Give reasons.
उत्तर- दोनों में आवेश की मात्रा समान होगी। क्योंकि दोनों गोले की त्रिज्या
समान होने के कारण धारिता समान होगी। गोले की धारिता केवल त्रिज्या पर निर्भर करती
है, इस बात पर निर्भर नहीं करती कि गोला ठोस है या खोखला The amount of charge in both will be the same. Because the radius of both the spheres is the same, the capacitance will be the same. The capacitance of a sphere depends only on the radius, it does not depend on whether the sphere is solid or hollow.
उत्तर - परावैद्युत और विद्युतरोधी दोनों विद्युत आवेश को प्रवाहित नहीं करते।
परावैद्युत विद्युत प्रभाव प्रदर्शित करता है अर्थात् विद्युत क्षेत्र में ध्रुवित
हो जाता है जबकि विद्युतरोधी किसी प्रकार का विद्युत प्रभाव प्रदर्शित नहीं करता।
उत्तर- धातु विद्युत का चालक होता है। यदि इसे परावैद्युत के रूप में प्रयुक्त
करें तो विद्युत आवेश का प्रवाह एक प्लेट से दूसरे प्लेट की ओर होने लगेगा। अतः
किसी भी प्लेट में आवेश का संचय नहीं होगा तथा दोनों प्लेटों के बीच विभवांतर
शून्य हो जायेगा। फलस्वरूप मूल संधारित्र, संधारित्र की तरह कार्य नहीं
करेगा।
उत्तर- समांतर प्लेट संधारित्र की दोनों प्लेटों के बीच की दूरी कम रखने पर
उनके मध्य विद्युत क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे के समांतर होती हैं। अतः उनके मध्य
विद्युत क्षेत्र एकसमान होती है। इसके अतिरिक्त दूरी कम होने पर उसकी धारिता बढ़
जाती है।