हम भारत मां की संताने, हम मातृभूमि हित जीते हैं ।
हम शूरवीर हम भरत - पुत्र, सिंहों से खेला करते हैं । ध्रु. प.
इस भूमंडल पर भारत ही, विश्वगुरू कहलाया है ,
भारत ने सारे जग को , जीने का ढंग सिखाया है ।
ज्ञानी ऋषि - मुनियों की हम , कर जोड़ वंदना करते हैं ।
हम शूरवीर हम भरत - पुत्र …………………... ।। 1 ।।
देश के हित सर्वस्व लुटा दें, ऐसे हम बलिदानी हैं
अपनी शक्ति से शत्रु को, याद दिलाने नानी हैं ।
सुन शौर्य पराक्रम की गाथा, यमराज भी हम से डरते हैं ।
हम शूरवीर हम भरत - पुत्र …………………... ।। 2 ।।
अपने कौशल से शत्रु को, धूल चटाई है हमने
इतिहास गवाही देता है, नहीं पीठ दिखाई है हमने
दुश्मन की गोली को अपने, सीने पर झेला करते हैं
हम शूरवीर हम भरत - पुत्र …………………... ।। 3 ।।
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