राष्ट्र-धर्म-कर्तव्य मार्ग पर निशि-दिन बढ़ते जाएंगे ।
अपनी भारत माता को हम जग सिरमौर बनाएंगे ।।
राणा, लाचित, छत्रसाल और चेन्नमा की शक्ति हम ।
नायन्मार, आलवारों, नरसी-चैतन्य की भक्ति हम ।
शक्ति-भक्ति-युक्ति से अब हम, प्रगति शिखर तक जाएंगे ।।1।
अपनी भारत माता को हम जग सिरमौर बनाएंगे ।।
मर्यादा श्रीराम से लेकर सीता सती से तप लेकर
गुरू नानक, महावीर, बुद्ध से सत्यशांति और जप लेकर
सकल विश्व में त्याग-शील और प्रेम सुधा सरसाएंगे ।।2।।
अपनी भारत माता को हम जग सिरमौर बनाएंगे ।।
चंद्रयान ने चांद पर जाकर ध्वजा तिरंगा फरहाया ।
गगनयान ने अंतरिक्ष में भारत का गौरव गाया ।
ज्ञान और विज्ञान के बल पर विश्व गुरू कहलाएंगे ।।3।।
अपनी भारत माता को हम जग सिरमौर बनाएंगे ।।
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